
उझानी-बदायूं, 11 जून।
मोक्षदायिनी मां गंगा के पावन तट कछला गंगाघाट से मात्र 300 मीटर दूर स्थित कछला ब्रिज हाल्ट आज भी रेलवे की उपेक्षा झेल रहा है। रोजाना सैकड़ों स्थानीय यात्रियों के साथ पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी जैसे पर्वों पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। विडंबना है कि धार्मिक महत्व के बावजूद इसे आज तक पूर्ण स्टेशन का दर्जा नहीं मिला।
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श्रद्धालुओं की मजबूरी: स्टेशन पास, ट्रेन दूर।
कछला ब्रिज हाल्ट पर गिनी-चुनी ट्रेनों का ही ठहराव है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश से गंगा स्नान को आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को मजबूरन कासगंज या सोरों उतरना पड़ता है। वहां से 15-20 किमी का अतिरिक्त सफर बस-टैक्सी से तय करना पड़ता है। समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
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पर्वों पर उमड़ता है जनसैलाब, सुविधाएं नाकाफी।
पूर्णिमा, अमावस्या और एकादशी पर कछला घाट पर लाखों की भीड़ जुटती है। हजारों यात्री कछला ब्रिज हाल्ट से ही ट्रेन पकड़ना चाहते हैं, लेकिन स्टॉपेज और सुविधाओं के अभाव में उन्हें भारी दिक्कत होती है।
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बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव
हाल्ट पर शेड नाममात्र का है। भीड़ के आगे वह बौना साबित होता है। पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, टिकट काउंटर जैसी मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे घंटों ट्रेन का इंतजार करते हैं।
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जनता की मांग: आधुनिक सुविधाओं से लैस हो कछला ब्रिज हाल्ट।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने पूर्वोत्तर रेलवे से हाल्ट को पूर्ण स्टेशन बनाने की मांग तेज कर दी है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा- आधुनिक स्टेशन बनने से कछला गंगा घाट का धार्मिक महत्व और बढ़ेगा। पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
सभी ट्रेनों का स्टॉपेज- कासगंज-बरेली रेलखंड की सभी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित हो। इससे दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
यात्री सुविधाओं का विकास- ऊंचे प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वेटिंग रूम, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तुरंत की जाए।
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प्रशासनिक योजनाओं पर रेलवे की उदासीनता भारी -जिला प्रशासन कछला गंगा घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। मगर रेलवे की उदासीनता से श्रद्धालुओं को मूलभूत परिवहन सुविधा तक नहीं मिल पा रही।
लाखों लोगों की आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर पूर्वोत्तर रेलवे को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। कछला ब्रिज हाल्ट को आधुनिक स्टेशन का दर्जा देना अब वक्त की मांग है।
रिपोर्ट- राजेश वार्ष्णेय एमके
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