दिल्ली में तरुण हत्याकांड को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिला। संगठन ने मामले में कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी। बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद पहले भी कई चर्चित मामलों में आरोपियों का कोर्ट में बचाव कर चुका है, जिनमें 2006 वाराणसी बम धमाके के दोषी वलीउल्लाह खान और 2010 पुणे जर्मन बेकरी ब्लास्ट के आरोपी मिर्ज़ा हिमायत बैग का केस भी शामिल रहा है।
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