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सर्दियों में शरीर में प्लेटलेट्स के साथ,दिल भी दुरुस्त रखता है बकरी का दूध

उझानी बदांयू 5 दिसंबर।

चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में बकरी का दूध बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए लाभकारी है। कई ऐसे पोषक तत्व इसमें प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो अन्य दूध में न के बराबर होते हैं। इससे न सिर्फ प्लेटलेट्स बढ़ती है बल्कि पाचन, खून की कमी, तनाव, गठिया, सूजन आदि में सुधार होता है।

डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को गाय-भैंस का दूध नहीं पचता या गैस, कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें बकरी का दूध पीना चाहिए। इससे पाचन में काफी सुधार होता है। हड्डियां मजबूत होती हैं। कोलेस्ट्रॉल व ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। कैल्शियम व फास्फोरस भरपूर होने से हड्डियां मजबूती होती हैं। आयरन व अन्य खनिज तत्व होने से खून की कमी नहीं होती। मस्तिष्क में हैप्पी हार्मोन (डोपामिन) रिलीज होता है, इससे अवसाद, घबराहट में राहत मिलती है।

नगर के पेट रोग विशेषज्ञ डॉ इवा फरमान बताते हैं कि गाय-भैंस के दूध में एल्फा-1 कैसीन प्रोटीन (बीटा कैसो मॉरफीन) होती है। इसे पीने से आलस्य व नींद आती है। पचाने में आंतों को दिक्कत होती है। गैस और कब्ज की भी शिकायत होती है। वहीं, बकरी के दूध में एल्फा-दो कैसीन प्रोटीन होती है जिससे दूध जल्द पचता है। बकरी के दूध में सेलेनियम पांच गुना ज्यादा होता है, जो प्लेटलेट्स की टूट-फूट रोकता है और इनमें बढ़ोतरी होती है। बकरी के दूध में लिनोनिक एसिड भी प्रचुर मात्रा में होता है, इससे त्वचा व बाल स्वस्थ रहते हैं।

बकरी के दूध में जिंक भी प्रचुर मात्रा में होता है, जो एंटी ऑक्सीडेंट का काम करता है। इससे सूजन कम होती है और गठिया रोगियों को दर्द में राहत मिलती है। ठंड के मौसम में बकरी का दूध रामबाण का काम करता है।

उन्होंने बताया कि बकरी के दूध में
आयरन मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भरपूर होता है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी होने से सूजन में कमी, जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
प्रचुर कैल्शियम होने से जोड़ों को मजबूती मिलती है।
विटामिन-ए व बी भरपूर होने से त्वचा व बाल स्वस्थ होते हैं।

सावधानी जरूरी
डॉ इवा फरमान बताते हैं कि यह मिथक है कि बकरी का दूध कच्चा पीने से ज्यादा फायदा होता है। संक्रमण से बचने के लिए दूध को उबालकर ही पिएं।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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