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बदांयू 1 अगस्त।
गाजियाबाद पुलिस के 20 हजार रुपये के इनामी हत्यारोपी को फर्जी नाम से जेल भेजने के मामले में बदायूं पुलिस ने शुक्रवार रात बड़ी कार्रवाई की। लापरवाही और गंभीर अनियमितता के आरोप में बिनावर थाने के एसएचओ अरिहंत सिद्धार्थ को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं एसआई बलवीर को निलंबित किया गया है। मामले में दो सिपाहियों पर भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
डीसीआरबी प्रभारी इंस्पेक्टर नीरज कुमार को बिनावर थाने का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
तमंचे के साथ पकड़ा, नाम निकला फर्जी
मामला 23 जुलाई का है। बिनावर पुलिस ने चेकिंग के दौरान सोहनपाल उर्फ सूजल नाम के युवक को तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। उसी नाम से मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
बाद में गाजियाबाद एसओजी की जानकारी पर खुलासा हुआ कि गिरफ्तार व्यक्ति सोहनपाल नहीं है। असल में वह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र का रहने वाला 20 हजार रुपये का इनामी हत्यारोपी सोनू है, जिसकी तलाश लंबे समय से चल रही थी।
पहचान छिपाने के आरोप, जांच बढ़ी
आरोप है कि आरोपी की असली पहचान जानते हुए भी उसे दूसरे नाम से जेल भेजा गया। विभाग इसे गंभीर अनियमितता मान रहा है। आशंका है कि हत्या जैसे संगीन मामले में वांछित आरोपी को जांच एजेंसियों से बचाने के लिए नाम बदला गया।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण में बदायूं में छिपा था। यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी नाम से जेल भेजने के पीछे कोई आर्थिक लेनदेन या मिलीभगत तो नहीं थी। हालांकि इन बिंदुओं की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे की कार्रवाई
एसएचओ और दरोगा पर कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ेगा। यदि जांच में साजिश या मिलीभगत साबित होती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और गाजियाबाद पुलिस को भी आवश्यक जानकारी साझा की गई है।
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