बिल्सी (बदायूं)। जनपद बदायूं के विकासखंड बिल्सी के ग्राम पूर्वी खेड़ा में बने राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज ने गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है। जहां कभी लोग इस गांव में आने से कतराते थे, वहीं अब यह क्षेत्र शिक्षा और विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
पहले यह इलाका चारों ओर से जंगलों से घिरा था और लोग यहां आने से भी डरते थे। लेकिन कॉलेज बनने के बाद न केवल शिक्षा का वातावरण बना बल्कि पुलिस की सुरक्षा भी हमेशा रहती है। कॉलेज के शिक्षक आकाश पटेल ने बताया कि “पहले गांव में कोई बाहर का व्यक्ति आने से डरता था, चारों ओर जंगली जानवर घूमते थे। अब कॉलेज बनने से माहौल पूरी तरह बदल गया है और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हुई है।”
कॉलेज के शिक्षक धर्मेंद्र पाल ने बताया कि “पूर्वी खेड़ा से 50 किलोमीटर तक किसी भी दिशा में शिक्षा के लिए कॉलेज नहीं था। लेकिन इस कॉलेज के खुलने से क्षेत्र के हजारों छात्रों को घर के पास ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है।”
कॉलेज के शिक्षक अजय सिंह राठौर ने कहा कि “आने वाले समय में यह क्षेत्र पूरी तरह शिक्षित होगा। यहां से कई इंजीनियर निकलेंगे जो समाज और देश की प्रगति में योगदान देंगे। आने वाली पीढ़ी इस कॉलेज से प्रेरित होगी।”
कॉलेज के हेड मुराद आलम ने बताया , “राजकीय पॉलीटेक्निक बदायूं जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है। कॉलेज में जीटीआई की सभी प्रमुख शाखाएँ उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों को कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता।”
कॉलेज खुलने के बाद गांव के लोगों को भी रोज़गार के अवसर मिले हैं। कई ग्रामीणों ने पीजी, किराए के कमरे और खानपान की सुविधाएँ शुरू की हैं। इससे गांव की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
गांव में अब विकास की रफ्तार भी तेज़ हो चुकी है। जल्द ही यहां पुलिस चौकी और कई कंपनियों के मोबाइल टॉवर लगाए जाने की योजना है। पहले जहां गांव में 5G नेटवर्क तक नहीं था, अब आधुनिक सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
पूर्वी खेड़ा का राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज आज यह साबित कर रहा है कि —
“जहां शिक्षा पहुंचती है, वहीं से विकास की शुरुआत होती है।”
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