धर्म की रक्षा के लिए अपना सिर उतरवाकर शहादत देने वाले शहीद वीर भाई तारु सिंह जी (Bhai Taru Singh) की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि प्रणाम। *सिर जाए तां जाए, मेरा सिखी सिदक ना जाए।* *गूगल से साभार*