जिला संवाददाता सौम्य सोनी की रिपोर्ट—–
भारत को 11 साल बाद ICC ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान रोहित शर्मा को BCCI ने वनडे कप्तानी से हटा दिया। शनिवार को ऑस्ट्रेलिया दौरे की टीम अनाउंसमेंट में सबसे चौंकाने वाला फैसला यही रहा। शुभमन गिल को टेस्ट के बाद वनडे टीम की कमान भी सौंप दी गई, वे भारत के 28वें वनडे कप्तान बने।
2022 में तीनों फॉर्मेट की फुल टाइम कप्तानी मिलने के बाद रोहित ने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में टीम को फाइनल तक पहुंचाया। टीम ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबला हार गई, लेकिन रोहित ने हार नहीं मानी और 7 महीने बाद भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बना दिया। इतना ही नहीं, इसी साल चैंपियंस ट्रॉफी भी जितवाई।
2 ICC ट्रॉफी और 2 एशिया कप जिताने के बावजूद रोहित को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक कप्तानी नहीं करने दी गई। ऐसे में सवाल उठता है कि उन्हें कप्तानी से आखिरी हटाया क्यों गया। चीफ सेलेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो बातें कहीं उससे कप्तान बदले जाने के पीछे पांच कारण समझ में आते हैं।
कारण-1: वनडे वर्ल्ड कप 2 साल दूर
वनडे वर्ल्ड कप अभी 2 साल दूर है। 2027 के अक्टूबर-नवंबर में यह टूर्नामेंट अफ्रीका में होना है। अगरकर ने कहा कि नया कप्तान बनाने का यह सही समय है। मैनेजमेंट शुभमन को वनडे कप्तान के रूप में समय देना चाहता है। ताकि वर्ल्ड कप तक उन्हें इस टीम को लीड करने की आदत हो जाए।
शुभमन को इसी साल मई में रोहित के टेस्ट रिटायरमेंट के बाद रेड बॉल टीम की कमान भी सौंपी गई थी। उन्होंने इंग्लैंड में 5 टेस्ट की सीरीज 2-2 से ड्रॉ करलाई।। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली। भविष्य को देखते हुए शुभमन को कमान सौंपी गई, वहीं श्रेयस अय्यर को उप कप्तान बना दिया गया।
कारण-2: रोहित घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते
रोहित 2013 से पहले तक घरेलू क्रिकेट में रेगुलर थे, लेकिन इसके बाद से उनके मैच कम हो गए। उन्होंने 2018 में आखिरी बार विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मुंबई के लिए लिस्ट-ए मैच खेला था। उसके बाद से वे घरेलू क्रिकेट से नदारद रहे। सिलेक्शन कमेटी इस बात पर जोर भी दे चुकी है कि टीम का हिस्सा बनने के लिए हर खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट खेलना ही होगा। रोहित का घरेलू क्रिकेट छोड़ना भी उन्हें कप्तानी से हटाए जाने की वजह बना।
कारण-3: 38 साल से ऊपर की उम्र
रोहित 38 साल के हो चुके हैं, उन्होंने 37 साल की उम्र में टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताया था। भारत से अब तक महज 5 खिलाड़ी 38 साल की उम्र के बाद भी वनडे खेल पाए। इनमें मोहिंदर अमरनाथ ही इकलौते प्लेयर रहे, जिन्होंने 39 की उम्र तक वनडे खेला।
टीम इंडिया वनडे फॉर्मेट में फिटनेस को ध्यान में रखते हुए उम्रदराज प्लेयर्स को तवज्जो नहीं देती। सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी, राहुल द्रविड़ और सुनील गावस्कर ने भी 38 साल की उम्र तक ही वनडे क्रिकेट खेला था। रोहित अगर 2027 का वर्ल्ड कप खेलते हैं तो उनकी उम्र 40 साल हो जाएगी और वे भारत से वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज प्लेयर भी बन जाएंगे। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या तब तक वे अपनी फिटनेस को वनडे क्रिकेट के लिए मैंटेन रख पाएंगे?
कारण-4: तीन अलग कप्तान नहीं चाहता BCCI
चीफ सेलेक्टर ने कहा कि तीन फॉर्मेट के लिए तीन अलग-अलग कप्तान बनाना मुमकिन नहीं है। इस समय गिल टेस्ट के और सूर्यकुमार यादव टी-20 टीम के कप्तान हैं। अगर रोहित वडे के कप्तान रह जाते तो इस समय तीनों फॉर्मेट में भारत के कप्तान अलग होते। इसलिए गिल को दो फॉर्मेट की कप्तानी दी गई है। माना जा रहा है कि गिल जल्द ही तीनों फॉर्मेट में भारत के कप्तान बन सकते हैं।
कारण-5: जगह लेने के लिए युवा तैयार
रोहित ने 2023 से अपनी बल्लेबाजी का अंदाज बदला था। उन्होंने ओपनिंग करते हुए पारी संभालने के बजाय बड़े शॉट्स खेलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाने पर फोकस किया। पिछले 2 साल से वे यही काम कर रहे हैं। इस कारण 2023 से 22 पारियों में उनके स्कोर 30 से 90 के बीच रहे। इस दौरान वे 3 ही सेंचुरी लगा सके। 25 में से 21 पारियों में उनका स्ट्राइक रेट जरूर 100 से ज्यादा का रहा।
2022 तक रोहित बड़ी पारियां खेलते थे और टीम को बड़े स्कोर तक ले जाते थे। अब रोहित टीम को तेज शुरुआत दिलाते हैं, उनके इस काम को करने के लिए मैनेजमेंट के पास यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा और ऋतुराज गायकवाड जैसे युवा प्लेयर्स मौजूद हैं। यशस्वी को तो ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भी चुना गया। यानी रोहित अगर आउट ऑफ फॉर्म नजर आए तो उन्हें प्लेइंग-11 से रिप्लेस कर यशस्वी को मौका भी दिया जा सकता है।
भारत के टॉप कप्तान रहे रोहित
रोहित की कप्तानी में भारत ने 56 वनडे खेले, 42 जीते और महज 12 गंवाए। इस दौरान 1 मुकाबला टाई और 1 बेनतीजा भी रहा। 50 से ज्यादा वनडे में कप्तानी करने वाले भारतीयों में रोहित का विनिंग परसेंटेज (75%) बेस्ट रहा। उनके बाद विराट ने भारत को 68% वनडे जिताए।
जीत में द्रविड़ की बराबरी की
भारत को सबसे ज्यादा वनडे जिताने वाले कप्तानों में रोहित शर्मा राहुल द्रविड़ के साथ पांचवें नंबर पर रहे। एमएस धोनी 110 जीत के साथ टॉप पर हैं, उन्होंने 200 वनडे में टीम की कप्तानी की। उनके अलावा मोहम्मद अजहरुद्दीन और सौरव गांगुली ही 100 से ज्यादा वनडे में कप्तानी कर सके।
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