उझानी बदांयू 5 सितंबर।
बुधवार को ऐडी हेल्थ डॉ तेजपाल राठौर के सरकारी अस्पताल सीएचसी के निरीक्षण के दौरान मिली खामियां व प्रसूता से रूपये लेने के मामले में सीएचसी म्याऊं-म्याऊं करने लगी,वजह अधीक्षक डॉ राजकुमार गंगवार को म्याऊं वही म्याऊं में तैनात डाॅ सर्वेश कुमार को उझानी की कमान सोंपी गई है।
उझानी सीएचसी की काफी समय से दयनीय स्थिति है, चिकित्सकों का समय से ना बैठना, अधीक्षक के कक्ष में मुर्गा पार्टी की वीडियो वायरल होना प्रसूताओं से रूपये लेने के तो अनगिनत मामले हैं, मरीजों को बाहर की दवाएं लिखना आम बात है। मगर सीएमओ डॉ रामेश्वर मिश्रा ने जांच कराने नोटिस देने, जांच कमेटी बनाने के सिवाय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उझानी अस्पताल में तैनात ज्यादातर चिकित्सक ड्यूटी नहीं करते जानकार बताते हैं अधीक्षक डॉ गंगवार से सेटिंग के चलते ऐसा होता है। अकेले डॉ गंगवार सीएचसी को संभालने की जिम्मेदारी निभाते हैं, उनके कार्यकाल में उझानी सीएचसी एक रैफरल सीएचसी बनकर रह गई है।
हल्के-फुल्के घायल मरीजों को भी राजकीय मेडिकल कालेज या जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। वजह चिकित्सकों की कमी जो तैनात हैं वह बाहर रहते हैं अगर मरीज को एडमिट किया तो 24 घंटे ड्यूटी कोन देगा।
ऐडी हेल्थ के निरीक्षण के बाद, सीएमओ ने अधीक्षक डॉ राजकुमार गंगवार की विदाई सुनिश्चित कर डाॅ सर्वेश कुमार की तैनाती पर मुहर लगाई है।
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सत्ताधारी नेताओं की परिक्रमा में लगे अधीक्षक।
सूत्र बताते हैं कि डॉ गंगवार अभी उझानी सीएचसी छोड़ने के मूड़ में नहीं लगते, 2012 से उझानी में तैनात हैं जिले में कई जगह तैनात रहे मगर अस्पताल परिसर में ही रहे। उझानी सीएचसी को अपना घर मानते हैं। चार्ज लेने आऐ डॉ सर्वेश कुमार को उन्होंने चार्ज नहीं दिया, किसी सत्ताधारी नेता से अपना ट्रांसफर रूकवाने को परिक्रमा करने में लगे हैं। एक दो दिन में सिथ्ति साफ होगी कि म्याऊं-म्याऊं करने वाली उझानी सीएचसी पर कोन तैनात रहेगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके




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