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उझानी बदांयू 20 अगस्त।
कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रवैया यूं ही नहीं सख्त हुआ है। पालतू कही जाने वाली इस प्रजाति ने वाकई आतंक मचा रखा है। सूंघते-भौंकते समय कब ये नोच डालें, कहना मुश्किल है। कई बार आदमखोर जानवर की तरह व्यवहार करते हैं।
मांस और खून की इनकी तलब इतनी बढ़ गई है कि पक्षियों पर भी हमला करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो 15 दिनों में कुत्तों ने लगभग 100 लोगों को काटा है। आलम यह है कि रोजाना आवारा कुत्तों के काटने से घायल होकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। जानकार बताते हैं कि इस मौसम में आवारा कुत्ते और अधिक घातक हो जाते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ आवारा कुत्तों के हार्मोंस में भी बदलाव होता है। 15 दिन पहले नरऊ गांव में एक पागल कुत्ते ने छह लोगों और एक भैंस को काट लिया था। सरकारी अस्पताल की ओपीडी में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की लाइन लगी रहती है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजकुमार गंगवार बताते हैं कि अस्पताल में 20 से 25 वैक्सीन रोजाना लग रही, जिसमें कुत्ते की संख्या अधिक है । एक वायल में पांच लोगों को वैक्सीन लगती है। निर्देश दिए गए हैं कि जो भी मरीज पहुंचे उन्हें जरूर वैक्सीन लगाएं। बहानेबाजी न करें।
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