।***////* बदांयू 13 मार्च।
होली पर इस साल का पहला चंद्रग्रहण होने वाला है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रग्रहण को एक नकारात्मक घटना माना जाता है, क्योंकि इस दिन राहु और केतु का प्रभाव अधिक बढ़ जाता है। चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है और चंद्रमा की रोशनी को पूरी या आंशिक रूप से अवरुद्ध कर देती है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है, जब चंद्रमा पृथ्वी के बिल्कुल विपरीत दिशा में सूर्य के सामने होता है। इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को होली के दिन लगेगा, जो कि फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका महत्व धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय किसी भी शुभ कार्य को नहीं करना चाहिए। पूजा-पाठ, हवन और अन्य मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, ग्रहण के समय भोजन करने से भी बचने की सलाह दी जाती है।
चंद्र ग्रहण 2025 का समय
– शुरुआत: 14 मार्च, सुबह 09 बजकर 29 मिनट
– समाप्ति: 14 मार्च, दोपहर 03 बजकर 29 मिनट
– मध्यकाल: 14 मार्च, दोपहर 01 बजकर 29 मिनट
भारत में इस ग्रहण का दृश्य दर्शन नहीं होगा, क्योंकि यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, और अन्य कुछ देशों में दिखाई देगा। इसलिए, भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसका मतलब है कि इस ग्रहण का कोई प्रतिकूल असर होली के त्योहार पर नहीं होगा, और आप बिना किसी धार्मिक प्रतिबंध के होली खेल सकते हैं।
खग्रास चंद्र ग्रहण में चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया में आता है, जिससे चंद्रमा का केवल एक हिस्सा अंधेरे में डूबा हुआ दिखाई देता है। इसे खंडग्रास रूप में देखा जाता है, और यह देखने के लिए विशिष्ट स्थानों पर यह ग्रहण दिखाई देगा।










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