बदायूं
गंगा का रौद्र रूप: उसहैत के कदमनगला में भीषण कटान, सैकड़ों बीघा जमीन नदी में समाई
केशव गुप्ता
विद्यालय का आधा भवन, ट्रांसफार्मर और समरसेबल भी गंगा में बहा; दर्जनों परिवारों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
बदायूं। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ उसहैत क्षेत्र के रैपुरा-कदमनगला में कटान ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। गंगा की तेज धार से पिछले कई दिनों में सैकड़ों बीघा कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और दर्जनों परिवारों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कदमनगला निवासी हरेंद्र चौहान की करीब 40 से 50 बीघा, छविराम की नौ बीघा और रामलाल की छह बीघा कृषि भूमि गंगा की धारा में समा चुकी है। इसके अलावा क्षेत्र के दर्जनों किसानों की भी सैकड़ों बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई है। खेतों के लगातार नदी में समाने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
गंगा में समा गया विद्यालय का आधा हिस्सा
कटान की चपेट में कदमनगला स्थित प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक विद्यालय का करीब आधा हिस्सा भी आ गया है। विद्यालय भवन के लगातार कटान की जद में आने के चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। खंड शिक्षा अधिकारी ज्योति प्रकाश ने प्रधानाध्यापक को विद्यार्थियों को भवन में प्रवेश न कराने के निर्देश दिए हैं।
कुछ दिन पहले ही विद्यालय में पढ़ने वाले करीब 50 से 60 विद्यार्थियों को नजदीकी दलनगला प्राथमिक विद्यालय में स्थानांतरित किया जा चुका है।
ट्रांसफार्मर और ट्यूबवेल भी कटान की भेंट
गंगा का कटान इतना तेज है कि 25 केवी का विद्युत ट्रांसफार्मर दो खंभों समेत नदी में बह गया। इसके अलावा खेत में लगा समरसेबल ट्यूबवेल और उसकी बोरिंग भी गंगा में समा गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो आबादी और अन्य संपत्तियां भी खतरे की जद में आ सकती हैं।
एसडीएम ने किया मौके का निरीक्षण
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 6 अगस्त को एसडीएम दातागंज विनोद कुमार सिंह ने राजस्व टीम के साथ कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। क्षेत्र में मोटरबोट और गोताखोरों की तैनाती की गई है। अटेना पुख्ता स्थित बाढ़ चौकी पर राजस्वकर्मी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
वहीं 5 अगस्त को जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय ने भी उसहैत क्षेत्र के ग्राम जटा में मुख्य सड़क पर पानी आने की स्थिति का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और ग्रामीणों की आवाजाही के लिए एहतियातन मोटरबोट तैनात कराई थी।
नरौरा बैराज से छोड़ा गया पौने दो लाख क्यूसेक पानी
शनिवार को नरौरा बैराज से करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद उसहैत क्षेत्र में गंगा का जलस्तर और बढ़ गया। इसके साथ ही कदमनगला में कटान की रफ्तार भी तेज होने की बात सामने आई है। बाढ़ खंड के अधिकारी बांध और कटान प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल ने बताया कि फिलहाल स्थिति गंभीर है और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, राहत और कटान रोकने की मांग
कटान प्रभावित विद्यालय के पास ग्राम प्रधान राकेश कश्यप, अमित यादव, सत्यवीर सिंह यादव, हरेंद्र चौहान, आशीष यादव, ब्रजेश यादव, सुखवीर, राजवीर और साधु यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम न होने और पर्याप्त राहत नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य कराने, प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने और आबादी व सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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