अलापुर (बदायूं)। आजादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जनपद का उपनगर अलापुर आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ सका है। क्षेत्र की स्थिति ऐसी है मानो वह अब भी बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा में प्यासे चातक की तरह आस लगाए बैठा हो।
नगर में आज तक बस अड्डे का निर्माण नहीं हो सका, जिससे यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं उच्च शिक्षा के लिए कोई महाविद्यालय या पर्याप्त शिक्षण संस्थान नहीं होने से विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के अभाव में क्षेत्र के युवाओं के सामने रोजगार का संकट लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उद्योग-धंधों की कमी के कारण अधिकांश युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
वहीं छोटे व्यापारी भी ग्रामीण अंचलों से आने वाले ग्राहकों पर ही निर्भर हैं। बाजार में नए निवेश और व्यापारिक गतिविधियों के अभाव के कारण स्थानीय कारोबार अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि अलापुर में बस अड्डा, उच्च शिक्षण संस्थान और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए तो यह उपनगर भी विकास की नई दिशा में आगे बढ़ सकता है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से अलापुर के समग्र विकास के लिए ठोस पहल करने की मांग की है।
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