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बदायूं जिला चिकित्सालय के चिकित्सक ने निभाया ‘डॉक्टर भगवान’ का फर्ज, जरूरतमंद के लिए खुद आगे आए।
बदांयू 14 जुलाई।
Life’s most persistent and urgent question is: What are you doing for others? मार्टिन लूथर किंग जूनियर का यह कथन बदायूं जिला चिकित्सालय में तैनात डाॅ. राजेश कुमार वर्मा उर्फ आर के वर्मा ने आज एक बार फिर चरितार्थ कर दिखाया।
मानवता की मिसाल पेश करते हुए डाॅ. वर्मा ने एक जरूरतमंद मरीज की जान बचाने के लिए स्वयं रक्तदान किया। यह उनका 36वां रक्तदान है। उनका संकल्प जीना_इसी_का_नाम_है- आज अस्पताल परिसर में साकार हुआ।
जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय में भर्ती एक मरीज की हालत गंभीर थी और उसे तुरंत रक्त की आवश्यकता थी। ब्लड बैंक में वांछित ग्रुप का रक्त उपलब्ध न होने पर समय नष्ट किए बिना डाॅ. वर्मा खुद आगे आए और मरीज को अपना रक्त देकर उसकी जिंदगी बचाई।
डाॅ. राजेश कुमार वर्मा केवल एक कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील समाजसेवी भी हैं। विगत वर्षों में उन्होंने 35 बार रक्तदान कर कई लोगों की जिंदगी को नया जीवन दिया है।
इस मानवीय पहल पर अस्पताल स्टाफ और मरीजों के परिजनों ने डाॅ. वर्मा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि डाॅ. वर्मा ने आज “डॉक्टर को दूसरा भगवान कहा जाता है” इस उक्ति को सच साबित कर दिया।
डाॅ. वर्मा की यह निस्वार्थ सेवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि असली सेवा वही है जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंद के काम आए।
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