


उझानी-बदांयू 3 जुलाई।
फिरोजाबाद में चूड़ी उत्पादन प्रभावित होने का असर अब उझानी के चूड़ी बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ समय से थोक बाजार में चूड़ियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर फुटकर कारोबार पर पड़ रहा है।
सहालग का सीजन शुरू होने के बावजूद ग्राहक पहले की तुलना में कम खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें थोक बाजार से ही महंगे दामों पर माल मिल रहा है, ऐसे में खुदरा कीमतें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है।
शहर के प्रमुख चूड़ी बाजारों में इन दिनों ग्राहकों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन अधिकांश लोग सीमित खरीदारी ही कर रहे हैं। पहले जहां एक साथ कई दर्जन चूड़ियां खरीदी जाती थीं, वहीं अब ग्राहक बजट के अनुसार ही सामान ले रहे हैं।
खासकर विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए खरीदारी करने वाले परिवार महंगाई के कारण खर्च में कटौती कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि फिरोजाबाद में गैस, कच्चे माल और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण चूड़ियों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका असर उझानी सहित आसपास के जिलों के बाजारों पर भी पड़ रहा है।
यदि आने वाले दिनों में उत्पादन सामान्य नहीं हुआ तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। कारोबारी राजीव वार्ष्णेय का कहना है कि सहालग के समय बिक्री बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार महंगाई ने कारोबार की रफ्तार धीमी कर दी है।
———-
फिरोजाबाद से ही चूड़ियों की सप्लाई होती है। उत्पादन लागत बढ़ने से थोक भाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका असर खुदरा बाजार पर भी पड़ रहा है। कई प्रकार की चूड़ियों पर 30 फीसदी तक दाम बढ़ चुके हैं।
अमन माहेश्वरी चूड़ी कारोबारी।
——–
सहालग में बिक्री बढ़नी चाहिए थी, लेकिन महंगाई के कारण ग्राहक पहले की तुलना में कम चूड़ियां खरीद रहे हैं। कई लोग केवल जरूरी सामान ही ले रहे हैं। कई प्रकार के डिजायन की भी कमी इस समय बाजार में दिखाई दे रही है।
अन्नू वार्ष्णेय चूड़ी विक्रेता।
———–
राजेश वार्ष्णेय एमके।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com