7:07 pm Sunday , 19 July 2026
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रजिस्ट्री दफ्तर के निजीकरण के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन

रजिस्ट्री दफ्तर के निजीकरण के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन
कामकाज रहा ठप, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
बिल्सी। उपनिबंधक कार्यालय (रजिस्ट्री दफ्तर) के संभावित निजीकरण के विरोध में मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के प्रस्तावित कदम को रोजगार पर सीधा प्रहार बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपनिबंधक को सौंपा।
निजीकरण के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया। सांकेतिक हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्यालय से संबंधित सभी कार्य पूरे दिन बंद रहे, जिससे रजिस्ट्री कराने आए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह और सचिव ज्ञानसिंह त्यागी ने कहा कि यदि उपनिबंधक कार्यालयों का निजीकरण किया गया तो बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर तथा इस व्यवस्था से जुड़े सैकड़ों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
प्रलेखक संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल पाठक ने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल आंदोलन की शुरुआत मात्र है। यदि सरकार ने निजीकरण संबंधी निर्णय वापस नहीं लिया तो अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर संयुक्त रूप से व्यापक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
इसके बाद प्रदर्शनकारी उपनिबंधक कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि इस व्यवस्था से प्रदेश भर में हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है, इसलिए उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, आशीष शर्मा, अरविंद कुमार, गिरीश शर्मा, हिमांशु पाराशर, मुकेश शर्मा, राजेश कुमार सिंह, सुदीप चौहान, प्रदीप चौहान, अनिरुद्ध प्रताप, कन्हैयालाल, देवेंद्र सक्सेना, असलम कुरैशी, सोहनपाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर मौजूद रहे।

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