गरीब कन्या के विवाह में पिता बने पीठाधीश्वर, नम आंखों से दी विदाई
पीठाधीश्वर ललतेश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में हुआ कार्यक्रम
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी खौंसारा स्थित बलदेव धाम बालाजी महाराज में मंगलवार की रात एक गरीब कन्या का विवाह उत्सव श्रद्धा, भक्ति और भावुक वातावरण के बीच धूमधाम से संपन्न कराया गया। इस पावन आयोजन का संचालन धाम के पीठाधीश्वर श्री ललतेश्वरानंद महाराज के सान्निध्य में हुआ। उन्होंने स्वयं कन्या के पिता की भूमिका निभाते हुए विवाह की समस्त जिम्मेदारियां निभाईं और समाज के सामने सेवा एवं मानवता की अनूठी मिसाल पेश की।
धाम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और मंगल गीतों के बीच विवाह समारोह संपन्न हुआ। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए इसे धर्म और मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। विवाह के दौरान श्री ललतेश्वरानंद महाराज ने कन्या के स्वागत से लेकर कन्यादान, आशीर्वाद और विदाई तक हर कर्तव्य पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ निभाया। उपस्थित लोगों ने कहा कि गुरुजी के व्यवहार में एक पिता का वात्सल्य स्पष्ट दिखाई दे रहा था।
विवाह समारोह में गुरु माता का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कन्या की माता बनकर विवाह की तैयारियों, श्रृंगार, विभिन्न रस्मों और देखभाल की जिम्मेदारी निभाई। विदाई तक वह कन्या के साथ ममता और स्नेह से जुड़ी रहीं। महिलाओं ने गुरु माता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक मां का कर्तव्य निभाकर सेवा, संस्कार और करुणा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
विदाई का क्षण पूरे समारोह का सबसे भावुक पल रहा। जब कन्या की विदाई हुई तो श्री ललतेश्वरानंद महाराज की आंखें नम हो गईं। पुत्री को विदा करते समय उनकी भावनाएं देखकर उपस्थित श्रद्धालु भी भावुक हो उठे।
धाम में आयोजित इस विवाह उत्सव ने यह संदेश दिया कि समाज में आज भी ऐसे संत और सेवाभावी लोग मौजूद हैं, जो जरूरतमंद बेटियों के जीवन को संवारने के लिए माता-पिता बनकर आगे आते हैं। श्रद्धालुओं ने श्री ललतेश्वरानंद महाराज एवं गुरु माता के इस महान सेवा कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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