सार्वजनिक जमीन पर दीवार खड़ी, मिलीभगत के गंभीर आरोप
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बोले— “दबंगों के आगे प्रशासन बेबस, न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं लोग”
बदायूं। जनपद बदायूं की तहसील दातागंज के अंतर्गत ग्राम चन्दी नगला में सार्वजनिक और आवासीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के कुछ दबंग और रसूखदार लोग सरकारी भूमि पर कब्जा कर खुलेआम निर्माण करा रहे हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने जिलाधिकारी से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए सामूहिक शिकायती पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत अलापुर पट्टी फाजिल के गांव चन्दी नगला में स्थित गाटा संख्या 329 और 331 सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि है, जहां वर्षों से ग्रामीण खाद के गड्ढों का इस्तेमाल करते आ रहे थे। वहीं गाटा संख्या 330 मी आबादी भूमि के रूप में दर्ज है। आरोप है कि पड़ोसी भूमि के मालिक ने इन जमीनों पर जबरन कब्जा कर पक्की दीवार खड़ी कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस कब्जे के चलते गांव के पारंपरिक खाद गड्ढे पूरी तरह समाप्त हो गए हैं, जिससे न केवल ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है बल्कि गांव की स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि दबंगों ने अपने राजनीतिक रसूख और धनबल के दम पर पूरे सिस्टम को प्रभावित कर रखा है।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब ग्रामीणों ने स्थानीय राजस्व अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। पीड़ितों का कहना है कि कानूनगो स्तर के अधिकारी ग्रामीणों को डराने और धमकाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शिकायत करने पर उन्हें यहां तक कहा गया कि “ज्यादा भाग-दौड़ करोगे तो तुम्हारे मकान भी गिरवा दिए जाएंगे।”
सूत्रों के मुताबिक, 8 मई 2026 को उपजिलाधिकारी दातागंज के निर्देश पर एक राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश भी की थी। टीम में कई राजस्व अधिकारी और लेखपाल शामिल थे, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों के मन में संदेह और गहरा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने कथित आर्थिक सांठगांठ और राजनीतिक दबाव के जरिए जांच को प्रभावित कर दिया है, जिसके कारण वास्तविक रिपोर्ट दबाई जा रही है।
ग्रामीण टीकाराम, श्रीपाल, महीपाल, राजाराम और रामकुमार सहित दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और दोषी अधिकारियों व कब्जाधारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
गांव में यह मामला अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, कानून व्यवस्था और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर सरकारी जमीन पर हुए इस कथित कब्जे और अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोपों के बीच प्रशासन क्या कदम उठाता है।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com