बदायूं: 30 साल पुराने मकान पर कब्जे का आरोप, राजस्व निरीक्षक पर फर्जीवाड़े की शिकायत।
हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद दाखिल-खारिज का आरोप, पीड़ित ने DM से की कार्रवाई की मांग।
बिल्सी बदायूं, 14 मई 2026।
तहसील बिल्सी के ग्राम तिगोड़ा ईसापुर में भूमि विवाद का मामला सामने आया है। ग्राम हरपुर बहेरिया निवासी कैलाश कुमार सिंह तोमर ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व निरीक्षक पर बिना जांच के फर्जी गवाहों के आधार पर दाखिल-खारिज करने का आरोप लगाया है।
प्रार्थी कैलाश कुमार सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 147/1 रकबा 0.253 हेक्टेयर में उनका मकान व प्लॉट है। यह भूमि उन्होंने लगभग 30 वर्ष पूर्व चच्चू पुत्र मोती निवासी तिगोड़ा से खरीदी थी। इसी जगह धर्मपाल और स्वर्गीय वीर शाह पुत्र नत्थू ने भी प्लॉट खरीदे थे।
वीर शाह की मृत्यु के बाद 29 अप्रैल 2026 को उनकी पत्नी रामबेटी ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लिए आवेदन किया। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने बिना स्थलीय जांच के राम बहादुर और देवदत्त को फर्जी गवाह बनाकर रिपोर्ट लगा दी। गवाहों ने शपथ पत्र में कहा कि प्रार्थी को कोई जानता ही नहीं और मकान पर 30 साल से उनका कब्जा है।
न्यायालय के आदेश की अनदेखी का आरोप।
कैलाश कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट इलाहाबाद और सिविल जज जूनियर डिवीजन सहसवान ने 08 अक्टूबर 2010 को आदेश संख्या 279/2009 में स्पष्ट किया था कि प्रार्थी के मकान-प्लॉट को कोई बेदखल न करे और न ही कब्जा दखल में हस्तक्षेप करे। इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक ने दाखिल-खारिज की संस्तुति कर दी।
बैंक लोन का भी जिक्र।
प्रार्थना पत्र में बताया गया कि रामबेटी ने उक्त मकान पर बैंक से लोन भी ले लिया है जो अभी अदा नहीं हुआ है। आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर विरासत अपने नाम दर्ज करा ली गई।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से राजस्व निरीक्षक और दोनों गवाहों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ हाईकोर्ट का आदेश, शपथ पत्रों की प्रति और भूमि संबंधी प्रपत्र संलग्न किए गए हैं।
शिकायत के साथ 13 मई 2026 को देवदत्त पुत्र छत्तर सिंह के नाम से जारी 10 रुपये का ई-स्टांप भी लगाया गया है। आरोप है कि इसी स्टांप पर फर्जी शपथ पत्र तैयार कर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया की गई।

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