बेमौसम बारिश से ईंट भट्ठा उद्योग को झटका, लाखों की कच्ची ईंटें गलकर बर्बाद।
उझानी-बदांयू 6 मई।
जिले में सोमवार सुबह हुई बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा स्वामियों की कमर तोड़ दी। क्षेत्र के दर्जनों भट्ठों पर पकाई के लिए सूखने को रखी गईं लाखों कच्ची ईंटें पानी में भीगकर गल गईं। इससे भट्ठा संचालकों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
ईंट पकाई का मुख्य सीजन अप्रैल से जून तक होता है। अधिकतर भट्ठों में कुछ दिन पहले ही आग डाली गई थी। मजदूर रोजाना हजारों ईंटों की पथाई कर उन्हें सूखने के लिए खुले में रख रहे थे। सोमवार की तेज बारिश में सूखने को रखी सभी कच्ची ईंटें खराब हो गईं।
भट्ठा स्वामियों ने बताया, “एक-एक भट्ठे पर 5 से 7 लाख रुपये की ईंटें बर्बाद हुई हैं। मजदूरी और कच्चे माल की लागत भी डूब गई।”
भट्ठा स्वामी राकेश कुमार ने कहा, “बाजार में पहले से ही ईंटों की मांग कम थी। अब बारिश से दोहरी मार पड़ी है।”
भट्ठा स्वामी ब्रजेश कुमार वार्ष्णेय ने सरकार से राहत की मांग करते हुए कहा, “हम हर साल लाखों रुपये का जीएसटी और रॉयल्टी देते हैं। इस प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सरकार को जीएसटी में छूट और खनन राजस्व में कमी करनी चाहिए।”
कारोबारियों के अनुसार, बड़े पैमाने पर कच्ची ईंटें खराब होने से आने वाले दिनों में पकी ईंट की आपूर्ति प्रभावित होगी। इससे निर्माण कार्य महंगा होने की आशंका है।
राजेश वार्ष्णेय एमके


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