🌷साप्ताहिक सत्संग
बिल्सी तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी ग्राम में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! दिव्य भव्य सत्संग का ब्रह्मत्व आचार्य संजीव रूप ने किया ! कुमारी ईशा आर्य , कुमारी उर्वशी आर्य ने वेद पाठ किया ! अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा “स्वार्थी व्यक्ति सुखी नहीं होता । औरों के सुख में सुखी तथा दुख में दुखी होने वाला महात्मा होता है । जो लोग अपना काम बनता , भाड़ में जाए जनता’ वाली सोच रखते हैं वह धन पद प्रतिष्ठा तो बड़ा लेते हैं किंतु उनकी कीर्ति नष्ट हो जाती है तथा मन की शांति खत्म हो जाती है , उन्हें प्रकृति के कोप का भी भाजन बनना पड़ता है । आचार्य संजीव रूप ने अथर्ववेद के लगभग 100 मंत्रों से विश्व शांति के आहुति दिलाते हुए कहा कि “युद्ध समाप्त होना चाहिए किंतु बुराई का खात्मा भी आवश्यक है ,बुराई के खात्मे के लिए युद्ध निरंतर जारी रहना चाहिए किंतु ध्यान रहे केवल अपनी संप्रभुता को बढ़ाने के लिए युद्ध अनैतिक है ! इस अवसर पर मास्टर अगर पाल सिंह , विचित्रपाल सिंह , पंजाब सिंह राकेश आर्य,नीरेश आर्य ,श्रीमती सूरजवती देवी , श्रीमती संतोष कुमारी , श्रीमती कमलेश कुमारी , श्रीमती गुड्डी रानी , श्रीमती सरोजदेवी तथा आर्य संस्कारशाला के बच्चे मौजूद रहें ।

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