बिल्सी: स्थानीय फ्यूचर लीडर्स स्कूल के प्रांगण में कक्षा 7 और 8 के विद्यार्थियों के बीच आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि आज की पीढ़ी केवल रटने में नहीं, बल्कि तर्क करने और समाज को समझने में भी अग्रणी है। “विचारों की उड़ान और तर्कों की पहचान” के ध्येय के साथ हुए इस आयोजन ने नन्हे वक्ताओं को अपनी बात निर्भीकता से रखने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।
मुख्य आकर्षण: क्या श्रेष्ठ है? निजी क्षेत्र या सरकारी सेवा?
प्रतियोगिता का केंद्र बिंदु आधुनिक भारत का सबसे चर्चित विषय— “निजी बनाम सरकारी नौकरी” रहा। विद्यार्थियों ने किसी अनुभवी विशेषज्ञ की भांति तथ्यों और तर्कों का जाल बुना:
कक्षा 7 (निजी क्षेत्र के पक्षधर): विद्यार्थियों ने दलील दी कि निजी क्षेत्र नवाचार (नया प्रयोग) और कार्यक्षमता पर आधारित है। यहाँ आधुनिक तकनीक से जुड़ने और वैश्विक स्तर पर भविष्य बनाने के असीमित अवसर उपलब्ध हैं।
कक्षा 8 (सरकारी क्षेत्र के समर्थक): वरिष्ठ विद्यार्थियों ने स्थायित्व, सामाजिक सुरक्षा और राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी तंत्र में रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
प्रबंधन के विचार: केवल प्रतियोगिता नहीं, व्यक्तित्व निर्माण है
कार्यक्रम में विद्यालय के नेतृत्व ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा के व्यावहारिक महत्व पर बल दिया:
”ऐसी प्रतियोगिताएँ पुस्तकीय ज्ञान से परे छात्रों में नेतृत्व क्षमता और तार्किक सोच का बीजारोपण करती हैं।”
— वी.पी. सिंह (निदेशक)
”वाद-विवाद का वास्तविक अर्थ केवल बोलना नहीं, बल्कि विपरीत विचारों को सुनना और तर्कों के साथ अपनी बात सिद्ध करना है।”
— राहुल कुमार सिंह (प्रबंध निदेशक)
प्रधानाचार्य रविन्द्र सिंह ने आयोजन की सफलता का श्रेय शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के सफल संचालन में केशव शर्मा और रूबी मौर्य का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
शैक्षणिक प्रमुख सी.के. शर्मा, शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक विश्वदीपक शर्मा, राखी गुप्ता, मुनीश शर्मा, प्रशांत सिंह, विशेष चौहान, दीक्षा वार्ष्णेय, रागिनी मिश्रा, ट्विंकल जैन, ऐश्वर्या माहेश्वरी, सिदरा खान, प्रीति श्रीवास्तव, प्रज्ञा वार्ष्णेय और पारस चंद्र सहित समस्त शिक्षक गण मौजूद रहे।


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