साप्ताहिक सत्सं*
बिल्सी, तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंत्र में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया ! वैदिक विदुषी कुमारी तृप्ति शास्त्री ने यज्ञ कराया ! सुप्रसिद्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने कहा ” अहंकार व्यक्ति को अधार्मिक बनाता है ! प्रायः मनुष्य में यशस्वी होने की चाहना होती है , धनवान हो , बलवान हो , रूपवान हों या विद्वान हो सब प्रतिष्ठित होने चाहते है किन्तु बढ़ते ही अहंकार घेर लेता है , और व्यक्ति का पतन आरम्भ हो जाता है । श्रीराम एक वेद पढ़े थे सीता माता ने दो तो हनुमान जी तीन वेदों के ज्ञाता थे जबकि रावण चारों वेदों का ज्ञाता था किन्तु अहंकार के कारण रावण का पतन हो गया और एक वेद पढ़े श्रीराम को संसार पूज रहा है !तकि श्रीराम धैर्यवान थे सरल थे संयमी थे ! कु० आचार्य तृप्ति आर्य ने कहा ‘ धर्म शब्द का अर्थ मत मजहब पंथ नहीं होता और न धार्मिक वह वयक्ति होता है जो किसी मत पन्थ सम्प्रदाय को मानता है । धार्मिक वह है जो सदाचारी ‘ सत्यवादी , सरल , सेवाभावी निर्लोभी सच्चरित्र होता है ! इस अवसर पर श्रीमती सूरजवती देवी , श्रीमती कमलेश कुमारी,कुमारी ईशा , कुमारी तान्या, विचित्रपाल सिंह राकेश आर्य,विनीत कुमार सिंह , पंजाब सिंह ‘ पंकज सिंह आदि मौजूद रहे !






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