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अच्छे दाम की उम्मीद में डूबे आलू किसान ? कोल्ड स्टोरेज का स्टॉक और गिरती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अच्छे दाम की उम्मीद में डूबे आलू किसान ? कोल्ड स्टोरेज का स्टॉक और गिरती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

उझानी- बदांयू 26 दिसंबर।

जिले में आलू किसानों की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। खेतों से नया आलू मंडियों में पहुंच चुका है, लेकिन बाजार में दाम इतने कम हैं कि किसानों को अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। कोल्ड स्टोरेज में अभी भी बड़ी मात्रा में पुराना आलू जमा होने के कारण बाजार में सप्लाई अधिक है। जिसका सीधा असर नए आलू की कीमतों पर पड़ रहा है। वहीं पुराना आलू कम कीमतों में बिक रहा है। इससे किसानों में निराशा है।

बदांयू जनपद में बहुतायत में आलू की फसल की जाती है। इस बार मौसम अनुकूल रहा और पैदावार भी ठीक-ठाक हुई, लेकिन बाजार में हालात किसानों के पक्ष में नहीं हैं। मंडियों में नया आलू पहुंचते ही कीमतें गिर गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है।

किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी पर इस बार पहले से ज्यादा खर्च आया है। डीजल और खाद के बढ़े दामों ने खेती की लागत को और बढ़ा दिया है। ऐसे में जब आलू मंडी में सात से आठ रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है तो लागत निकालना तो दूर, खेती को लिए कर्ज को चुकाना भी मुश्किल हो गया है।

इस संकट की बड़ी वजह कोल्ड स्टोरेज में भरा पुराना आलू बताया जा रहा है। पिछले सीजन का आलू अब भी इन कोल्ड स्टोरेज में रखा है, जिसे व्यापारी बाजार में औने-पौने दामों पर निकाल रहे हैं। सस्ता पुराना आलू उपलब्ध होने से नए आलू की मांग कम है। नतीजा यह है कि ताजा आलू होते हुए भी किसानों को सही कीमत नहीं मिल पा रही।

वहीं थोक की बात करें तो मंडी में पुराना आलू 700 रुपये प्रति क्विंटल और नए आलू का भाव 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है।

व्यापारियों का तर्क है कि बाजार में सप्लाई ज्यादा और मांग सीमित है। ऊपर से पुराना आलू भी लगातार बाजार में आ रहा है। फिलहाल किसान आस लगाए बैठे हैं कि बाजार में जल्द सुधार हो और उन्हें अपनी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।

जिले में पिछले सीजन के आलू को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में किसानों ने कोल्ड स्टोरेज से समय पर निकासी नहीं की। आलू की नई फसल का समय आने पर भी किसान सचेत नहीं हुए और पुराना आलू भंडारण में ही रखा रहा। इसी बीच खेतों से नया आलू बाजार में आ गया, लेकिन कोल्ड स्टोरेज में भरा पुराना आलू अब मौजूद है। मंडी में पुराने आलू को औने-पौने दामों पर निकाला जा रहा है, जिससे नए आलू के भाव भी गिर गए हैं। ग्राहक भी कम दाम और लंबे समय तक टिकने की वजह से पुराने आलू को तरजीह दे रहे हैं।

हमने सोचा था कि पुराने आलू के दाम और बढ़ेंगे, इसलिए कोल्ड स्टोरेज से निकासी नहीं की। अब नया आलू आ गया और पुराना भी बिक नहीं रहा। मंडी में इतने कम भाव हैं कि लागत भी नहीं निकल पा रही। मजबूरी में नुकसान सहकर बेचने की नौबत आ गई है।
छोटे लाल किसान उझानी।

राजेश वार्ष्णेय एमके

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