10:28 am Sunday , 19 July 2026
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भौतिकवादी युग में बुद्ध के विचारों ने समाज को शांति एवं सद्भाव का मार्ग दिखाया – राजेश्वरी बौद्ध

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गडरपरा में आयोजित सात
दिवसीय बौद्ध कथा के दौरान रविवार को कथावाचक राजेश्वरी
बौद्ध ने भगवान गौतम बद्ध के जीवन से जूड़े महत्वपर्ण प्रसंगों का विस्तारपर्वेक वर्णन किया ।
गह त्याग का प्रेरक संदेशकथावाचक ने राजकमार सिद्धार्थ के गह त्याग प्रसंग कोभावनात्मक और प्रेरक शैली में प्रस्तृत किया। उन्होंने बताया कि सुख-सूविधाओं से भरे राजमहल में रहते हए भी सिद्धार्थ मानव जीवन के दुख, रोग, बुढ़ापा और मृत्यु के यथार्थ से व्यथित थे। संसार के दखों से मक्ति पाने के लिए उन्होंने पत्नी यशोधरा और पृत्र राहल सहित राजवैभव का त्याग कर तप और साधना का मार्ग अपनाया। राजेश्वरी बौद्ध ने कहा कि गृह त्याग केवल संन्यास नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए किया गया महान संकल्प था।
करुणा,अहिंसा और मध्यम मागे कथावाचक ने भगवान बद्ध के करुणा,अहिंसा और मध्यम मार्ग के सिद्धांतों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के भौतिकवादी युग में भी बुद्ध के विचार समाज को शांति और सद्भाव का मार्ग दिखाते हैं। ग्रामीणों ने बढ-चढकर लिया हिस्सा कथा सनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धाल उपस्थित रहे। डस मौके पर हरवीर शाक्य, चन्द्रपाल,किशपाल,मोहनलाल,हरविलास,पा्नासिंह, सनील, श्यामवीर, रामवीर, शिश्ूपाल आदि मौजद रहे!

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