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बदांयू में एसआईआर- हाथी, साईकिल और हाथ के बूथ ‘अनाथ’ सिर्फ भाजपा के एजेंट मुस्तैद

उझानी बदांयू 19 नवंबर।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए बदांयू जिले में सपा, कांग्रेस ,बसपा के एजेंट सक्रिय नहीं है, 14 दिन बाद भी बूथ लेवल एजेंट तैनात नहीं किए गए हैं। भाजपा के एजेंट ही हर बूथ पर मजबूत ओर मुस्तैद दिखाई दे रहे हैं।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू हुए 14 दिन बीत गए, लेकिन कई राजनीतिक दल बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) बनाने में लापरवाह बने हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि जिले में अभी सपा और बसपा के एक हजार से अधिक बूथ खाली हैं, जबकि कांग्रेस, आप, के कहीं नजर नहीं आते। वहीं भाजपा ने सभी बूथों पर अपने एजेंट तैनात कर दिए हैं।

जिले में 6 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें सभी बूथों पर 21 लाख से ज्यादा मतदाता हैं।

4 नवंबर से घर-घर जाकर बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एसआईआर के लिए गणना फाॅर्म बांट रहे हैं। जिसमें 8 लाख से अधिक मतदाताओं को फाॅर्म बांटे जा चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की शंकाओं, मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक राष्ट्रीय व राज्य स्तर के राजनीतिक दल को प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने के निर्देश दिए थे, जिससे एसआईआर के दौरान किसी तरह के आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगें, लेकिन भाजपा के अलावा किसी दल ने बीएलए नामित करने में रूचि नहीं दिखाई । भाजपा के जिले के सभी बूथों पर बीएलए मुस्तैद हैं।

वहीं, सपा ने बदायूं,उझानी, ग्रामीण क्षेत्रों सहित, बिल्सी , सहसवान, बिसौली , शेखूपुर में बहुत कम बूथों पर बीएलए तैनात किये है। सपा के ज्यादातर बूथ खाली पड़े हैं। वहीं बसपा का मंगलवार तक कहीं भी एक भी बीएलए नजर नहीं आता है। बूथ ‘अनाथ’ पड़े हुए हैं।

विधानसभा चुनाव 2027 में अहम भूमिका निभाने वाले एसआईआर को लेकर राजनैतिक दलों की सुस्ती का आलम यह है कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, लेवल एजेंट नामित करने में सबसे फिसड्डी हैं।

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हर राजनीतिक दल बूथ स्तर पर एक एजेंट नामित करता है। बूथ प्रबंधन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। एसआईआर में मतदाताओं को फॉर्म मिले या नहीं। फॉर्म मिल गए तो भरे या नहीं। 2003 की सूची से मतदाता के अभिभावक का मिलान कराना। इन सभी कार्यों में सहयोग करना। हालांकि, यह काम बीएलओ भी करते हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि के रूप में बीएलए भी नियुक्त किए गए हैं।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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