बदांयू में एसआईआर- कसौटी पर कसे जाएंगे 20.8 लाख मतदाता, 2003 की सूची के आधार पर होगा सत्यापन।
बदांयू 4 नवंबर।
2025 के जो मतदाता खुद अथवा उनके माता-पिता 2003 में मतदाता नहीं थे, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस दिया जाएगा। उन्हें अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा। आयोग ने इसके लिए 12 विकल्प सुझाए हैं। इसे उपलब्ध न कराने पर नाम सूची से हटाए जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 22 साल बाद मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान मंगलवार से आरंभ होने जा रहा है। इस प्रक्रिया में 2025 की मतदाता सूची का 2003 की सूची से मिलान कराया जाएगा। इस दौरान जिले के 20.8 लाख मतदाताओं का सत्यापन होगा।
2025 के जो मतदाता खुद अथवा उनके माता-पिता 2003 में मतदाता नहीं थे, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से नोटिस दिया जाएगा। उन्हें अपनी पहचान का प्रमाण देना होगा। आयोग ने इसके लिए 12 विकल्प सुझाए हैं। इसे उपलब्ध न करा पाने वालों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। अंतिम सूची 7 फरवरी को प्रकाशित होगी।
मतदाता सूची में दो बार नाम शामिल होने एवं मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए पूरे प्रदेश में यह अभियान आरंभ किया गया है। बदांयू की 6 विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची पुनरीक्षित होगी। सोमवार की देर रात तक प्रपत्रों के मुद्रण और बीएलओ तक पहुंचाने की कवायद चलती रही। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रपत्र तहसीलदार द्वारा बीएलओ को उपलब्ध कराया जाएगा।
बीएलओ प्रत्येक मतदाता को दो प्रपत्र देंगे। प्रपत्र में मतदाता को जन्मतिथि, आधार संख्या (वैकल्पिक), पिता या अभिभावक का नाम व एपिक नंबर, माता का नाम व एपिक नंबर, मोबाइल नंबर भरना होगा। जिनके पास वोटर आइडी है, वे उसमें दर्ज एपिक नंबर भर सकते हैं। इसके साथ एक नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लगानी होगी। यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में है तो उससे जुड़ी जानकारी उसी प्रपत्र में भरनी होगी। पूरा प्रपत्र भरने के बाद मतदाता को इसे बीएलओ के पास जमा करना होगा। बीएलओ इसकी जांच करके हस्ताक्षरित एक प्रति मतदाता को देंगे। गणना प्रपत्र भरने के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है। जिनके नाम नोटिस जारी होगा, सिर्फ उन्हें ही पहचान का प्रमाण पत्र देना होगा।
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