1:25 am Wednesday , 22 July 2026
BREAKING NEWS

राजकीय महाविद्यालय में एनएसआईसी द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

राजकीय महाविद्यालय में एनएसआईसी द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) द्वारा राजकीय महाविद्यालय,बदायूं में उद्यमिता जागरूकता एवं कौशल विकास पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना था। एनएसआईसी के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण अवसरों तथा लघु उद्योग स्थापना की प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में 100 पंजीकृत प्रतिभागी छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय में संचालित जिला रोजगार सृजन केन्द्र के संयोजक डॉ राकेश कुमार जायसवाल के स्वागत भाषण से हुई। अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ अनिल कुमार ने तथा संचालन डॉ गौरव कुमार सिंह ने किया।
वाणिज्य के प्रवक्ता डॉ पीके शर्मा ने प्रतिभागियों के साथ अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा किए।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड के विकास अधिकारी यशवीर सिंह ने
उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं यथा विचार-विमर्श, बाजार विश्लेषण, वित्त पोषण के रास्ते और चुनौतियों पर काबू पाने में दृढ़ता का महत्व आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओ को उद्यमशीलता के प्रति मानसिक रूप से तैयार के लिए प्रेरित किया और प्रतिभागियों को अपनी उद्यमशीलता क्षमता का पता लगाने और उसका दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भूपेन्द्र सिंह ने पीपीटी के माध्यम से उद्यमिता के लिए छात्रों और उद्यमियों की पहचान करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए विभिन्न सरकारी नीतियों, वित्त पोषण के अवसरों और बेरोजगारी को कम करने के लिए कौशल विकास के बारे में बताया। कार्यशाला में लघु फिल्म का प्रदर्शन कर
व्यवसाय शुरू करने के लिए
व्यवसाय योजना और रणनीति,
उद्यम का वित्तपोषण और एमएसएमई योजनाएं
विपणन और ब्रांडिंग
व्यवसाय शुरू करने की आवश्यकता और व्यवसाय योजना एवं रणनीतियों की समझ,वित्त, एमएसएमई योजनाओं और विपणन और ब्रांडिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के युग में रोजगार प्राप्त करने से अधिक महत्व रोजगार सृजन का है। विद्यार्थियों को अपने कौशल को पहचानकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और उन्हें भविष्य में उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर डॉ रविंद्र सिंह यादव, डॉ हुकुम सिंह, डॉ सतीश सिंह यादव, डॉ प्रेमचंद चौधरी, डॉ संजय कुमार, डॉ जुनेद आलम,डॉ ज्योति बिश्नोई,डॉ सारिका शर्मा आदि उपस्थित थे।

विज्ञापन एक्सप्रेस
No posts found.