ओवरलोड का नहीं हुआ समाधान तो करेंगे धरना प्रदर्शन
ग्रामीण इस समय बिजली की धुआंधार कटौती को लेकर परेशान है। वहीं जिम्मेदार सब कुछ जानकर चुप्पी साधे हुए हैं। जिस गांव में उपेंद्र बना हुआ है वहां पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है और बाकी सब गांव एक मशीन से जोड़ दिए हैं जिससे बिजली ही प्राप्त नहीं हो रही है अधिकारी बोल देते हैं ओवरलोड है यह मामला है
बिल्सी क्षेत्र के ग्राम रिसौली बिजलीघर का है जहां पर एक मशीन से ग्राम भिलौलिया, लउआ, गढ़ी, दविहारी , बनबेहटा, अकोली, बिचौला, बघोल, हरगनपुर, सिरासौल, भीकमपुर, सबदल पुर, आदि गावों को जोड़ दिया है जिससे ओवरलोड में मशीन आ जाती है जिससे पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही हैें इस समय महज 3 से 5 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन उसके भी आने का कोई समय नहीं रह गया है। हर समय थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली कटती रहती है। दिन में 15 मिनट और आधे घंटे भी बिजली नहीं रहती है। इसी प्रकार रात में कभी 10बजे तो कभी 1 बजे और कभी भोर में 3बजे बिजली आती हैं। बिजली के आने का कोई समय नहीं रह गया है, जिससे गर्मी के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली सप्लाई में ओवरलोडिंग से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे उनकी शिमला मिर्च और धान की फसलें सूखने लगी हैं। किसानों को बिजली न मिलने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिसका सीधा असर उनके उत्पादन पर पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
समस्या का प्रभाव फसलें सूख रही हैं बिजली न मिलने की वजह से किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण मिर्च और धान की फसलें प्यास से सूख रही हैं।
इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
सिंचाई की कमी ओवरलोडिंग के कारण बिजली की आपूर्ति अनियमित हो जाती है, जिससे न तो पंप चल पा रहे हैं और न ही फसलों को पर्याप्त पानी मिल पा रहा है।
किसान यह चाहते हैं कि बिजली विभाग जल्द से जल्द इस ओवरलोडिंग की समस्या को ठीक करे ताकि उन्हें पर्याप्त बिजली मिल सके और उनकी फसलें बर्बाद होने से बच सकें।
यह एक गंभीर समस्या है जो किसानों की आजीविका को प्रभावित कर रही है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है ताकि फसल की बर्बादी को रोका जा सके।

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