बदांयू 8 सितंबर।
रविवार को चंद्रग्रहण का असर शहर के धार्मिक स्थलों पर भी दिखा। परंपरा के अनुसार सूतक काल लगते ही शहर के प्रमुख मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दोपहर 12 बजे के बाद ही बंद कर दिए गए। अब श्रृद्धालुओं के लिए कपाट सुबह पांच बजे मंगला आरती के बाद खोल दिए गये।
धर्मशास्त्रों के अनुसार ग्रहण अशुद्ध समय माना जाता है। इसी वजह से मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन रोक दिए जाते हैं। इस दौरान केवल जप, ध्यान और पाठ को ही शुभ माना जाता है। रविवार देर रात आकाश में अद्भुत खगोलीय घटना देखने को मिली। रात 9:57 बजे शुरू हुआ पूर्ण चंद्र ग्रहण करीब तीन घंटे 28 मिनट चला और देर रात 1:26 बजे समाप्त हुआ। रात 11:41 बजे ग्रहण का शिखर समय रहा जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में ढक गया और गहरी लालिमा से नहा गया। इस कारण इसे ब्लड मून भी कहा गया।
बताते हैं कि पूर्ण अवस्था में चंद्रमा नारंगी-लाल रंग का दिखाई दिया। यह दृश्य पूरे जनपद में स्पष्ट देखा गया। युवाओं में इसे उत्साह से देखा गया।
शहरों और कस्बों में लोग छतों व खुले मैदानों में रात तक जुटे रहे। सोशल मीडिया पर ब्लड मून की तस्वीरें और वीडियो को भी लोगों ने खूब साझा किए । ग्रहण से पूर्व दोपहर 12:57 बजे से ही सूतक काल लग गया था। इस दौरान भोजन, पूजा और शुभ कार्य वर्जित रहे। महिलाओं ने खाने में तुलसी के पत्ते डालकर इसका उपयोग किया। ग्रहण समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान और दान-पुण्य किया। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों में महंत , पुजारियों ने पहले गंगाजल और मंत्रोच्चारण से मंदिर का शुद्धिकरण किया इसके बाद आरती और विशेष पूजा कर भक्तों के दर्शन को पट खोल दिए।
प्रदीप प्रजापति।


badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
