2:24 am Monday , 20 July 2026
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विवाह का उद्देश्य है उत्तम संतति, उत्तम समाज का निर्माण: रूप

वेद कथा का पांचवा दिन

बिल्सी,आर्य समाज के तत्वावधान में ग्राम गुधनी में चल रही वेद कथा के पांचवें दिन वेद कथाकार आचार्य संजीव रूप ने गृहस्थ आश्रम की चर्चा करते हुए कहा “विवाह एक संस्था है जिसके दो सदस्य होते हैं पति और पत्नी । जिस प्रकार हर संस्था के कुछ उद्देश्य और नियम होते हैं ऐसे ही इस संस्था के भी नियम और उद्देश्य होते हैं ! उद्देश्य है संतति निर्माण करना तथा समाज को आदर्श बनाते हुए अपने जन्म को सफल बनाना ! संतति निर्माण और समाज आदर्श तब बनता है जब व्यक्ति मर्यादित जीवन जीता है तथा अपने कर्तव्यों का अच्छे से पालन करता है और यह तभी संभव है जब विवाह गुण कर्म स्वभाव मिलकर किया जाए !पति-पत्नी दोनों का दायित्व होता है कि वह अपने बुजुर्ग माता-पिता के संरक्षण में रहे उनकी सेवा करें तथा घर में कभी क्रोध न करें अपशब्दों का इस्तेमाल न करें ! पराए धन को मिट्टी के तुल्य समझे तथा पर नारी को माता बहन बेटी की नजर से देखें ! इससे पूर्व प्रश्रय आर्य एवं कौशिकी आर्य ने सुंदर भजन सुनाए ! कुमारी तृप्ति शास्त्री ने भी अपने विचार रखें कार्यक्रम में विशेष कुमार अशोक पाल सिंह,आदेश उपाध्यक्ष, अनिल उपाध्याय,बद्री प्रसाद आर्य ‘ राकेश आर्य, विनीत कुमार सिंह , श्रीमती ज्योति रानी, श्रीमती संतोष कुमारी श्रीमती कमलेश कुमारी आदि मौजूद रहे !

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