बदांयू 9 अगस्त।
रक्षाबंधन पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) अभियान चला रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका पर नमूना लेते हैं। उनके हटते ही मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री हो जाती है। जांच रिपोर्ट जब आएगी तब तक मिलावटी खाद्य पदार्थ का नामोनिशान नहीं बचेगा।
मिलावट का सीधा प्रभाव मानव शरीर पर पड़ता है। इसे रोकने के लिए ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम तैनात की गई है। त्योहारों पर शासन का आदेश आते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी बस मिलावट की आशंका के आधार पर नमूने लेना शुरू कर देते हैं। अधिकारियों के हटते ही विक्रेता संबंधित खाद्य पदार्थ की बिक्री कर देते हैं।
बीते कुछ दिनों की अगर बात करें तो टीम मावा, घेवर, दूध, बर्फी और सोनपपड़ी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज रही है। नमूना लेने के बाद यह पूरा माल खपा दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों को तो अभियान का फायदा कम विभाग को ज्यादा हो रहा है। नमूना फेल होने पर बाद में जुर्माने की कार्रवाई की जाती है, जिससे सिर्फ सरकार का खजाना भरता है।
एक हफ्ते से टीम ने जिले भर से दर्जनों नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। मावा व घेवर, बर्फी, मलाई लड्डू ,सरसों का तेल, नमकीन, आदि के सेंपल एकत्र कर प्रयोगशाला जांच को भेजे।
मिठाई की दुकान पर साफ-सफाई न मिलने पर मिठाई को नष्ट भी कराया।——————
जांच के लिए नमूने भेजे जाने का ही प्रावधान है, मौके पर जांच के लिए कोई प्रक्रिया संभव नहीं है। जहां दूषित मिठाइयां मिलती हैं या गंदगी मिलती है, उसे नष्ट करा दिया जाता है।
सीएल यादव सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
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