बदांयू 27 मई।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कोरोना वायरस ने फिर से दस्तक दी है। नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य जिलों में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इसको लेकर वहां सतर्कता बरती जा रही है लेकिन जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास जांच तक के इंतजाम नहीं हैं। एंटीजन कार्ड उपलब्ध न होने से लक्षण वाले मरीजों की जांच कैसे होगी, यह सवाल बन गया है।
जिले के काफी लोग दिल्ली, एनसीआर सहित ऐसे जिलों में आते-जाते हैं, जहां कोरोना वायरस सक्रिय है लेकिन इसको लेकर स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक न तो जांच केंद्र और न ही आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। कोई गाइड लाइन तक जारी नहीं की गई है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में मेडिकल कॉलेज और सभी सीएचसी व पीएचसी केंद्रों पर आइसोलेशन वार्ड बनाए गए थे। इनको अब सामान्य वार्ड बना दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में सामान्य वार्ड में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। यहां वेंंटीलेटर की व्यवस्था नहीं है।
सबसे बड़ी बात यह है कि विभाग के पास दो साल से कोरोना की जांच के लिए एंटीजन कार्ड उपलब्ध नहीं हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को आइसोलेट करने के इंतजाम होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान में अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई
इन बातों का रखें ध्यान
जुकाम, खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने पर मास्क लगाएं।
कोरोना वायरस संक्रमण वाले शहरों में जाने बचें या विशेष सावधानी बरतें।
खाने-पीने से पहले हाथों को साबुन से साफ करें।
कोरोना के मरीज अन्य जिलों में मिले है, इसकी जानकारी है लेकिन कोरोना को लेकर अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। अगर गाइडलाइन जारी होती है तो सभी व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। -डॉ. रामेश्वर मिश्रा त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी बदायूं।
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