।******** उझानी बदांयू 25 जनवरी। बदांयू जिले में बिना व्यवसायिक पंजीकरण के सड़कों पर ओवरलोड सामान लादकर ट्रैक्टर ट्रॉलियां धड़ल्ले से फर्राटा भर रहीं हैं। एआरटीओ कार्यालय मे हजारो ट्रैक्टर कृषि कार्य में पंजीकृत है पर एक भी ट्रैक्टर का व्यवसायिक पंजीकरण नहीं है। जिले के दर्जनों सात ट्राला का भी विभाग में रजिस्ट्रेशन है। शासन से ट्रॉली का भी पंजीकरण कराने का नियम है पर किसी ने भी नहीं कराया। यहां तक ट्रैक्टर ट्रॉली बनाने वाले निर्माताओं का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। देखने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
सड़क सुरक्षा पखवाडा में शासन से लेकर प्रशासन दुर्घटनाओंं पर लगाम लगाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है। वाहनों की चेकिंग कर चालान किए जा रहे है पर बिना व्यवसायिक पंजीकरण के सड़कों पर फर्राटा भर रहे ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर लगाम लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। सड़कों पर ट्रैक्टर ट्रॉली में चालक ओवरलोड खाद ,लकड़ी, भूसा, लोहा, सीमेंट सरिया, बालू व गिट्टी लादकर निकलते हैं। अक्सर कोहरे में ट्रैक्टर ट्रॉलियों के कारण दुर्घटनाओं में लोगों की जान भी चली जाती है।
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शासन का आदेश है कि कृषि कार्य को छोड़कर अन्य कार्य में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का व्यवासायिक पंजीकरण कराया जाए। ट्रॉली का अलग से पंजीकरण होना चाहिए। बड़ी ट्रालियों में बैक लाइट व रिफलेक्टर लगाए जाएं। ट्रॉली बनानी वाली फर्म का भी पंजीकरण विभाग में होना चाहिए, जबकि एआरटीओ कार्यालय में एक भी फर्म का पंजीकरण नहीं है।
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परिवहन विभाग में ट्रैक्टर ट्रालियों का पंजीकरण केवल कृषि कार्य के लिए किया जाता है। शासन ने ट्रैक्टर ट्राली पर सवारियों को ले जाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके बावजूद प्रतिदिन ट्रॉलियों पर लोग बैठे नजर आ रहे है। आए दिन जिले में हादसे हो रहे हैं, फिर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।———————————– —–शव के अंतिम संस्कार के लिए आज भी लोग ट्रैक्टर ट्रालियों से ही कछला गंगा घाट जा रहे हैं।—————————
उझानी में बनतीं है सबसे अधिक ट्रालियां
जिले के कस्बे उझानी में सबसे अधिक ट्रैक्टर की ट्रालियों का निर्माण किया जा रहा यहां यह उद्योग काफी विकसित हो गया है और ट्रालियां आसपास के जनपदों में बिक्री के लिए जातीं हैं। परिवहन विभाग में किसी भी फर्म का पंजीकरण नहीं है। खास बात यह है कि निर्माता किसी भी ट्रॉली पर पीछे और दोनों साइड में रिफ्लेक्टर नहीं लगा रहे हैं, जिससे कोहरे में इन ट्रालियों के कारण ही हादसे हो जाते हैं। हर साल कोहरे से पहले जिला प्रशासन द्वारा दिशा निर्देश दिए जाते हैं, फिर भी इन पर शिकंजा नहीं कस रहा है।——————————-
नगर यातायात प्रभारी एसके त्यागी का कहना है कि प्रतिदिन ट्रैक्टर चालकों को रोककर पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टरों को व्यवसायिक कार्य करने की मनाही है। गैर पंजीकृत वाहनों पर शिकंजा कसा जा रहा है।—————————– एआरटीओ प्रशासन अंबरीष कुमार का कहना है कि व्यवसायिक पंजीकरण न होने पर चेकिंग में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का चालान किया जाता है। सड़क सुरक्षा पखवाड़ा में ट्रालियों में रिफलेक्टर लगा कर लोगों का जागरूक किया गया है। निर्माताओं को पंजीकरण कराने के लिए नोटिस दिया जाएगा।—————————— राजेश वार्ष्णेय एमके।
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