4:51 pm Tuesday , 21 July 2026
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विश्वास… उमंग का

विश्वास… उमंग का ! कहानी
प्रयागराज महाकुंभ जाने की इच्छा इन दिनों सबकी हो ही रही है , आचार्य शिवदत्त पांडेय ने मुझे आग्रह किया कि मैं भी आ जाऊं प्रयाग ! यज्ञ स्नान सत्संग साधना का उत्तम अवसर जान हाँ कर दी ! आचार्य जी ने रिजर्वेशन कर के भेज दिया ! ट्रेन बरेली से 9:00 बजे की थी ! मैं घर से 6:00 बजे निकला । प्रश्रय ने बिल्सी तक छोड़ा रोजवेज बस मिल गई ,बदायूँ आ गए 7 बजे ! अब बरेली जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहे थे क्योंकि ट्रेन बरेली से थी , पूरा 8:15 बज गया कोई बस नहीं आई , बरेली से बदायूं लगभग डेढ़ घंटा लगता है अब घबराहट होने लगी कि अब क्या करें , कुछ लोगो ने कहा कि वापस चले जाइए अब आप नहीं पहुँच सकेगे, कुछ देर और प्रतीक्षा करने के बाद निराश मन बिल्सी की बस ढूँढने लगा तभी किसी ने बताया कि वह सामने बिल्सी की बस खड़ी है मैं जाकर बस में बैठा तो मेरे मित्र अजीत जी के पुत्र उमंग राज मिले .पूछने लगे आप कहां से आ रहे हैं ? मैंने कहा आ नहीं रहा हूं बल्कि लौट के बुद्धू घर जा रहा हूं ! पूछा क्यों ? मैंने कहा ट्रेन अब मिल नहीं पाएगी इसलिए वापस जा रहा हूँ ! तभी उन्होंने ट्रेन का शेड्यूल देखा और कहा कि अंकल जी ट्रेन 30 मिनट लेट हो है हमें उम्मीद है कि अगर आपको अभी बस मिल जाए तो आप पहुंच जाएंगे ! मैंने कहा यह संभव नहीं होगा ! तभी वह नीचे उतरे और उन्होंने देखा कि बरेली की एक बस आई है उन्होंने मुझसे कहा कि आप भगवान का नाम लेकर चले जाओ हमें उम्मीद है आप पहुंच जओगे ! मैंने कहा मात्र एक घंटा रह गया है यह कैसे होगा लेकिन उन्होंने मुझे गाड़ी से उतारा और मैं अपना सामान लेकर के दौड़ा बरेली वाली गाड़ी में बैठ गया ! अब 8:35 हो गए थे बस बदायूं से बाहर निकलते निकलते 8 :47 हो गए लेकिन ड्राइवर बहुत अच्छे थे उन्होंने गाड़ी बहुत तेज चलाई और रास्ते में ज्यादा रोकी भी नहीं, न जाने कैसे यह सब हो गया कि मैं बरेली चौकी चौराहा पर 9 :47 पहुंच गया तुरंत ऑटो किया और रेलवे स्टेशन पहुंचा 9:52 हो गए प्लेट फार्म 1 पर ही ट्रेन आ रही थी , हमारी ट्रेन सीबीगंज में 25 मिनट के लिए रोक दी गई थी और मुझे ट्रेन मिल गई ! मैंने तुरंत फोन करके उमंग को धन्यवाद दिया , कुंभ जाने का अब सारा श्रेय तुम्हारा है ! सोच रहा हूं उमंग का विश्वास काम आया !
संजीव रूप
@roop vani

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