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उझानी-बदांयू 10 अगस्त।
नगर पालिका के दावों की पोल आज दोपहर एक बार फिर खुल गई। महज दस मिनट की बारिश के बाद घंटाघर मार्केट पूरी तरह कीचड़ और बदबूदार पानी से भर गया। नतीजा: मार्केट में सन्नाटा और दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी।
बारिश थमते ही मार्केट की नालियां उफनकर सड़क पर आ गईं। जगह-जगह गंदा पानी जमा हो गया और उससे उठती दुर्गंध के कारण ग्राहक अंदर आने से कतराने लगे। जो थोड़े-बहुत लोग पहुंचे भी, वे पैर बचाते-बचाते वापस लौट गए।
दुकानदारों का गुस्सा अब चरम पर है। उनका कहना है कि हर बार थोड़ी सी बारिश में यही हाल होता है और नगर पालिका सिर्फ वादे करती है।
व्यापारी नेता अभिनव सक्सेना और मनोज गोयल ने बताया कि इस समस्या को लेकर ईओ और पालिकाध्यक्ष को कई बार मौखिक और लिखित शिकायत दी जा चुकी है। सफाई, नाली की मरम्मत और पानी निकासी की मांग भी की गई, लेकिन हर बार नतीजा वही “ढाक के तीन पात” रहा।
एक दुकानदार ने कहा: “हम सुबह से रात तक दुकान खोलते हैं, लेकिन पालिका की लापरवाही की सजा हमें ही भुगतनी पड़ती है। बारिश के बाद सुबह से शाम तक ग्राहक नहीं आते। अब बताइए हम अपना घर कैसे चलाएं?
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि गंदे पानी और कीचड़ की वजह से न सिर्फ बिक्री गिर गई है, बल्कि मच्छर और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। त्योहारों का सीजन नजदीक है, ऐसे में अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो घंटाघर मार्केट पूरी तरह बैठ जाएगा।
दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि अगर पालिका प्रशासन ने 15 दिन में नाली सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की, तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे।
अब सवाल यही है- क्या घंटाघर मार्केट के दुकानदारों की “सुबह” कभी होगी, या उन्हें नगर पालिका की कमी का खामियाजा यूं ही भुगतना पड़ेगा?
इस बारे में ईओ मणीजी सैनी का कहना है मेरे संज्ञान में नहीं है कल ही जेई व कर्मचारियों को भेजकर गंदगी से दुकानदारों को निजात दिलाने को ठोस पहल की जाऐगी।
— राजेश वार्ष्णेय एमके।


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