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डिप्टी सीएम ने किया नरेन्द्र गरल की ‘पंख’ और डॉ. गीतम सिंह की ‘क्या जमाना था’ काव्य पुस्तकों का विमोचन

बदांयू 10 अगस्त।

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा लखनऊ के तत्वावधान में संस्था का पांचवां वार्षिक स्थापना दिवस समारोह “आश्वस्ति-2026” गोमतीनगर स्थित अखिल भारतीय बौद्ध शोध संस्थान में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बदायूँ के दो प्रसिद्ध साहित्यकारों की पुस्तकों का लोकार्पण किया। बिल्सी के गीत ऋषि नरेन्द्र गरल के काव्य संग्रह ‘पंख’ और उझानी के डॉ. गीतम सिंह की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘क्या जमाना था’ का विमोचन राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

डिप्टी सीएम ने दोनों रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि बदायूँ की मिट्टी ने हमेशा साहित्य को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। ये दोनों पुस्तकें नई पीढ़ी को निश्चित रूप से प्रेरणा देंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने की। विशिष्ट अतिथियों में अभियोजन निदेशक ललित मुद्गल और एमएलसी पवन सिंह चौहान शामिल रहे। मंच पर पद्मश्री विद्या बिन्दु सिंह और डॉ. शिवओम अम्बर भी मौजूद थे।

पिछले दो महीने की मेहनत से सजे इस समारोह में प्रदेश के 69 जिलों और दिल्ली से आए साहित्यकारों, कलाकारों व पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और राष्ट्रगान से हुआ, जिसका संचालन शीतल बाजपेयी ने किया।

संस्था के प्रधान सर्वेश अस्थाना ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर रुद्रमणि चिकित्सक को ‘चिकित्सक साहित्य सभा’ और ऋचा खन्ना को ‘विद्यार्थी साहित्य सभा’ का संयोजक भी घोषित किया गया।

दोनों पुस्तकों के विमोचन से बदायूँ के साहित्य प्रेमियों में खासा उत्साह है।

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