

बदायूं : गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर गुरु पूर्णिमा पर्व पर पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। यज्ञ भगवान को लोकमंगल और पर्यावरण संशोधनार्थ गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं। दीक्षा संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार, पुंसवन संस्कार आदि हुए। भव्य आरती के बाद कन्याभोज हुआ।
गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक सुमित कुकरेती, लेखराज जायवाल, शिवंवदा सिंह, पूनम अरोरा ने वेदमंत्रोच्चारण कर यज्ञ संपन्न कराया। मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने कहा कि गुरु व्यक्ति नहीं शक्ति है। गुरु के जीवन भर का तप शिष्य के उत्कर्ष के लिए होता है। गुरु की शक्ति शिष्य के चिंतन, चरित्र और आचरण को पवित्र करती है।
पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में आत्मीय परिजनों, दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने लोकमंगल और पर्यावरण संशोधनार्थ दंमंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित की। परिव्राजक बेचे लाल ने युग ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा और और मां गायत्री पूजन कराया। 12 यज्ञोपवीत संस्कार, 20 दीक्षा संस्कार और 1 पुंसवन संस्कार हुए। मातृ-शक्तियों और देवकन्याओं ने मां गायत्री की भव्य आरती की। राम कुमार सिंह फौजी ने भोजन व्यवस्था देखी।
इस मौके पर जिला समंवयक नरेंद्र पाल शर्मा, माया सक्सेना, कालीचरण पटेल, डा.सोहनपाल सुरेन्द्र पाल, भुवनेश शर्मा, अमिता माहेश्वरी, सुजाता माथुर, सीमा गुप्ता, ममता, वीरेंद्र रस्तोगी, नीलम, संजीव कुमार शर्मा, आदि मौजूद रहे। सुरेन्द्र नाथ शर्मा ने संचालन किया।
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