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बदायूं – डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए तनाव एवं भावना प्रबंधन पर हार्टफुलनेस कार्यशाला आयोजित।

बदायूं: डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए तनाव एवं भावना प्रबंधन पर हार्टफुलनेस कार्यशाला आयोजित।

बदांयू 10 जुलाई।

जीवन की आपाधापी और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक शांति की राह दिखाने के उद्देश्य से आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बदायूं में एक दिवसीय “तनाव एवं भावना प्रबंधन” कार्यशाला का आयोजन किया गया। हार्टफुलनेस संस्था के सहयोग से हुई इस कार्यशाला में डीएलएड प्रशिक्षुओं ने ध्यान, प्राणायाम और आसनों के माध्यम से स्वयं को भीतर से सशक्त करने का अभ्यास किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य * राकेश कुमार* के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “एक शिक्षक का मन जितना शांत होगा, कक्षा का माहौल उतना ही सकारात्मक होगा। इसलिए प्रत्येक शिक्षक को रोज़ाना ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।”

कार्यशाला में *जिला समन्वयक लाखन सिंह* ने हार्टफुलनेस ध्यान की विशेषता बताते हुए कहा कि “सामान्यतः ध्यान में हम विचारों से उलझ जाते हैं, लेकिन हार्टफुलनेस रिलैक्सेशन के माध्यम से हम विचारों को दबाते नहीं, बल्कि उन्हें सहजता से नियमित करते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है।”

*क्षेत्रीय समन्वयक अनुज सक्सेना* ने युवाओं के वर्तमान तनाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज युवा पीढ़ी स्वयं को साबित करने के साथ-साथ माता-पिता और समाज की अपेक्षाओं के बोझ तले भी दबी हुई है। ऐसे में ध्यान का अभ्यास भावनात्मक उतार-चढ़ाव और तनावपूर्ण परिस्थितियों से उबरने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।

कार्यक्रम की समन्वयक *डायट प्रवक्ता निशा यादव* ने समापन पर कहा, “ध्यान के सफल अभ्यास का परिणाम शांत मन और प्रफुल्लित हृदय है। एक शिक्षक को परिस्थितियों के बावजूद कक्षा में मुस्कान के साथ उपस्थित होना होता है, ठीक एक अभिनेता की तरह। तभी वह अपने विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।

ध्यान सत्र के उपरांत प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। सभी ने माना कि सत्र के बाद मन में अभूतपूर्व शांति और ऊर्जा का अनुभव हुआ।

इस अवसर पर सेवारत शिक्षक-प्रशिक्षण प्रभारी *अमित कुमार शर्मा*, प्रवक्ता *सरवर अली*, *गीता सिंह*, *सुधा सिंह* सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

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