10:18 pm Sunday , 19 July 2026
BREAKING NEWS

बदांयू नगर पालिका के 3 साल का बेमिसाल विकास’ पानी में बहा बदायूं बना तालाब 50 करोड़ के दावे की खुली पोल

’3 साल का बेमिसाल विकास’ पानी में बहा बदायूं बना तालाब 50 करोड़ के दावे की खुली पोल।

बदांयू 1 जुलाई।

नगर पालिका के ‘3 साल बेमिसाल विकास’ के सारे दावे पहली ही बरसात में नाले में बह गए। बुधवार को 2 घंटे की मूसलाधार बारिश ने बदायूं शहर को फिर से ‘नरक’ बना दिया। आधा शहर समंदर में तब्दील हो गया और 50 करोड़ के विकास की कलई खुलकर सामने आ गई।

छ: सड़का रोड से लेकर पंडित जी पेट्रोल पंप तक पूरा बाजार तालाब बन गया। दुकानों में घुटनों तक पानी घुस गया। व्यापारी हाथ में बाल्टी-डिब्बे लेकर दुकान से पानी उलीचते दिखे। ग्राहक तो दूर, खुद दुकानदार अपनी दुकान तक नहीं पहुंच पा रहे। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं कमर तक भरे पानी में गिरते-पड़ते निकलने को मजबूर हुए।


गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही नगर पालिका ने शानदार कार्यक्रम कर ‘3 साल बेमिसाल’ का जश्न मनाया था। सरकारी पैसे से अखबारों में पेज भर के विज्ञापन देकर बताया था कि कैसे शहर 50 करोड़ के कार्यों से विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। नाले-नालियों का जीर्णोद्धार, नई सड़कें, हाईटेक ड्रेनेज— दावों की लंबी फेहरिस्त थी।

लेकिन आज की बारिश ने सारे दावों को झूठा साबित कर दिया। सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ‘कागजों का विकास’, ‘फोटो खिंचाओ अभियान’ और ‘नगर पालिका का डूबता जहाज’ जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

आक्रोशित दुकानदारों ने कहा, “3 साल में 50 करोड़ खर्च हुए तो सड़क पर बह कैसे रहे हैं? हर साल यही तमाशा होता है। अफसर सिर्फ विज्ञापन में दिखते हैं, जमीन पर न नाला साफ, न निकासी।” लोगों ने चेयरमैन से इस्तीफे की मांग तक कर डाली।

दोपहर तक जलभराव से जूझते लोगों की सुध लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। बिजली के खंभों में करंट का खतरा अलग मंडरा रहा है। शहरवासियों का कहना है कि अगर यही ‘बेमिसाल विकास’ है तो बदायूं को ‘नरक’ बनने से कोई नहीं रोक सकता।

फिलहाल बादल थमे हैं, लेकिन सवाल तैर रहे हैं— 50 करोड़ गए कहां? और हर साल बदायूं क्यों डूबता है? जवाब अब भी ‘विकास के विज्ञापन’ में गुम है।

विज्ञापन एक्सप्रेस