बरेली-मथुरा हाईवे पर मौत का तांडव जारी, 7 दिन में 8 की जान, 11 घायल।
कांवड़ यात्रा से पहले नहीं चेता प्रशासन तो बढ़ेगा संकट, एक साइड धूल-मक्का से जाम।
उझानी-बदांयू 27 जून।
बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे उझानी कोतवाली क्षेत्र में खूनी हाईवे बन चुका है। तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रहे हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। पिछले 7 दिनों में ही 8 लोगों की मौत हो चुकी है।
बीते बुधवार को कछला के मुरावननगला गांव की 6 महिलाओं की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। दो दिन बाद आंवला निवासी एक वृद्ध ने भी दम तोड़ दिया। आज सुबह फिर तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर में 11 लोग घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह का समय होने से बड़ी जनहानि टल गई, रात होती तो हालात बेकाबू होते।
हाईवे की एक साइड महीनों से बंद है। उड़ती धूल से विजिबिलिटी जीरो हो जाती है।
सड़क के एक तरफ मक्का की फसल ने कब्जा कर रखा है। प्रशासन हटवाने में नाकाम।
हाइवे पर न स्पीड ब्रेकर, न कैमरे, न ही पुलिस गश्त। वाहन चालक बेलगाम।
अगले माह से कांवड़ियों का जत्था इसी हाईवे से गुजरेगा। अगर समय रहते वन-साइड नहीं खुली और अतिक्रमण नहीं हटा तो बड़ा हादसा तय है। स्थानीय लोगों ने चेताया, “कांवड़ियों के गुस्से से बचना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर होगा।”
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी न हाईवे अथॉरिटी जागी न जिला प्रशासन। “हर दूसरे दिन कोई न कोई घर उजड़ रहा है, पर सुनवाई नहीं,” एक स्थानीय ने कहा।




डीएम से मांग की गई है कि तत्काल हाईवे की बंद साइड खोली जाए, मक्का का अतिक्रमण हटाया जाए और कांवड़ यात्रा से पहले स्पीड कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम हों।



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