9:15 pm Monday , 20 July 2026
BREAKING NEWS

उझानी- मसालों की महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का जायका

उझानी में मसालों की महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का जायका।

उझानी-बदांयू 12 जून।

रसोई का स्वाद बढ़ाने वाले मसालों की बढ़ती कीमतों ने अब घरों का बजट और खाने का जायका दोनों बिगाड़ दिए हैं। पिछले कुछ सप्ताह में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया और गरम मसाले के दामों में जबरदस्त उछाल आया है। थोक बाजार की आग अब खुदरा दुकानों तक पहुंच चुकी है, जिससे गृहिणियों की परेशानी बढ़ गई है।

उझानी के मुख्य बाजार में पिसा धनिया 240 रुपये से बढ़कर 280 रुपये किलो बिक रहा है। लाल मिर्च 360 से उछलकर 400 रुपये किलो पर आ गई है। हल्दी के दाम 220 से बढ़कर 280 रुपये किलो हो गए हैं। वहीं गरम मसाले में इस्तेमाल होने वाली जावित्री ने तो रिकॉर्ड तोड़ दिया – 2000 से सीधे 2500 रुपये किलो पहुंच गई। जीरा, काली मिर्च और लौंग के भाव भी लगातार चढ़ रहे हैं।

स्थानीय मसाला विक्रेता सुभाष माहेश्वरी का कहना है “उत्पादक इलाकों में फसल कम हुई है और मांग लगातार बढ़ रही है। थोक मंडी में रोज रेट बढ़ रहे हैं, तो हमें भी दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।”

जितेंद्र कुमार ने बताया, “पहले ग्राहक एक-दो किलो मसाला ले जाते थे, अब 250 ग्राम या आधा किलो से ही काम चला रहे हैं। गरम मसाला और मिर्च की बिक्री पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। अगर थोक में हालात नहीं सुधरे तो दाम और बढ़ेंगे।”

शहर की गृहिणियों का कहना है कि रसोई का हर व्यंजन मसालों पर टिका है। सब्जी से लेकर दाल तक, बिना मसाले के स्वाद नहीं आता। लगातार बढ़ती कीमतों से महीने का राशन बजट गड़बड़ा गया है। कई परिवार अब मसालों की मात्रा कम कर रहे हैं या सस्ते विकल्प ढूंढ रहे हैं।

कारोबारियों के मुताबिक मसाला उत्पादक राज्यों में इस बार पैदावार कम हुई है। ऊपर से ट्रांसपोर्ट महंगा होने और मांग बढ़ने से कीमतों में आग लग गई है। थोक बाजार का असर अब उझानी की गलियों तक दिख रहा है।

अगर यही स्थिति रही तो आने वाले त्योहारों पर रसोई का जायका और फीका पड़ सकता है।

राजेश वार्ष्णेय एमके।

विज्ञापन एक्सप्रेस