आदेश हवा-हवाई: 500 मीटर छोड़ो, स्कूलों के गेट पर ही बिक रहा ‘नशा’।
बदायूं 8 जून।
बच्चों को नशे से बचाने के सरकारी दावे यहां हवा हो गए। नियम कहता है- स्कूल से 500 मीटर तक तंबाकू-शराब की दुकान नहीं होगी, लेकिन बदायूं में कई स्कूलों के गेट से 100 मीटर के अंदर ही गुटखा, सिगरेट, पान-मसाला खुलेआम बिक रहा है।
शहर के कई बड़े सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के मुख्य गेट के ठीक सामने, बाउंड्री से सटकर और चहारदीवारी के उस पार नशे की दुकानें सजी हैं। सुबह स्कूल लगने और छुट्टी के वक्त इन दुकानों पर छात्रों की भीड़ लग जाती है। कुछ दुकानों पर तो ‘स्मोकिंग जोन’ तक बना दिए गए हैं, जहां झुंड बनाकर किशोर नशा करते दिखते हैं।
पहले 100 मीटर का दायरा ‘तंबाकू मुक्त’ घोषित था, नई गाइडलाइन में इसे बढ़ाकर 500 मीटर किया गया। ‘नशामुक्त विद्यालय’ पोर्टल भी लॉन्च होना है, जहां हर स्कूल को रिपोर्ट देनी है। लेकिन हकीकत ये है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्कूलों के अगल-बगल ही दुकानें चल रही हैं। पास में पुलिस बूथ और थाना होने के बावजूद कोई रोक-टोक नहीं।
स्थानीय लोग कहते हैं, “बच्चों के हाथ में किताब की जगह गुटखा पहुंच रहा है। छुट्टी के बाद दुकानों पर लाइन लगती है। कार्रवाई सिर्फ फाइलों में होती है, जमीन पर जीरो।”
जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है, “स्कूलों के पास नशे की दुकानें नहीं होनी चाहिए। अभियान चल रहा है, जांच कराकर दुकानदारों पर कार्रवाई करेंगे।”
नई कार्ययोजना के तहत हर साल 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाएगा। पीएम ई-विद्या चैनल पर भी छात्रों और अभिभावकों के लिए जागरूकता सत्र चलेंगे।
जब गेट के बाहर ही जहर बिक रहा है, तो 500 मीटर का नियम किसे बचा रहा है? ‘नशामुक्त विद्यालय’ का सपना कहीं ‘नशायुक्त गेट’ तक ही न सिमट जाए।

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