सहसवान: कबूतरों की मौत पर पुलिस का यू-टर्न, पहले बताया ‘निराधार’ अब तीन पर मुकदमा दर्ज।
सहसवान, बदायूं 2 जून ।
परसोना गांव में पालतू कबूतर मारने के मामले में सहसवान पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस मामले को पुलिस ने पहले खेत की मेड़ का विवाद बताकर निराधार करार दिया था, उसी मामले में अब तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गांव निवासी अम्बरवती पत्नी मोरपाल ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उनके पड़ोसी धर्मसिंह, राधे और गोविंद ने उनके पालतू कबूतर मार दिए। अम्बरवती के अनुसार, विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरुआती जांच में मामले को आपसी रंजिश और खेत की मेड़ का विवाद बताया था। पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी यही प्रतिक्रिया दी गई कि महिला और उसके बेटे ने पहले दूसरे पक्ष से गाली गलौज की थी और बचाव में कबूतर मारने का आरोप लगाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, बिना किसी पोस्टमार्टम या वैज्ञानिक जांच के कबूतरों की मौत को स्वाभाविक बताया गया था।
इस बीच, महिला ने मृत कबूतरों को दो दिनों तक सुरक्षित रखा और मामले को लेकर पशु प्रेमियों से संपर्क किया। सोमवार को पीपल फॉर एनिमल्स PFA अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा ने इस प्रकरण की शिकायत बरेली रेंज के डीआईजी से की।
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद, सहसवान पुलिस ने धर्मसिंह, राधे और गोविंद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि यह मामला शुरू से ही निराधार था, तो मुकदमा क्यों दर्ज किया गया? और यदि शिकायत में दम था, तो कार्रवाई में चार दिन की देरी क्यों हुई?
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है। सभी पहलुओं और साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


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