12:35 pm Monday , 20 July 2026
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बदायूं मेडिकल कॉलेज में बड़ा हंगामा: पित्त की थैली के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप

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बदायूं मेडिकल कॉलेज में बड़ा हंगामा: पित्त की थैली के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप, महिला की हालत बिगड़ी, 40 हजार वसूली का भी दावा

बदायूं मेडिकल कॉलेज में बड़ा हंगामा: पित्त की थैली के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप, महिला की हालत बिगड़ी, 40 हजार वसूली का भी दावा

बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं से एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पित्त की थैली के ऑपरेशन के बाद महिला मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा और धरना प्रदर्शन किया। आरोप है कि ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई, गलत तरीके से नली डालने से संक्रमण फैल गया और अब महिला के फेफड़े सिकुड़ने की स्थिति बन गई है। मामले ने पूरे अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार हजरतपुर निवासी भोले की पत्नी शोभा चौहान को करीब 14 दिन पहले उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पित्त की थैली का ऑपरेशन करने की सलाह दी। इसके लिए मरीज के परिजनों से बरेली में एमआरआई और अल्ट्रासाउंड भी कराया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉ. प्रियंका द्वारा डाली गई नली अधिक ऊपर चली गई, जिससे वह आंत में फंस गई। शुरुआत में मरीज की हालत सामान्य रही, लेकिन अगले ही दिन पेट से पस आने लगी और संक्रमण बढ़ गया।
परिजनों का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने के बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया, लेकिन तब भी सुधार नहीं हुआ। बाद में जांच में पता चला कि मरीज के फेफड़े सिकुड़ गए हैं और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालत लगातार गंभीर होने पर अब मरीज को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
घटना से नाराज तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज के नाम पर उनसे 40 हजार रुपये वसूले गए। मरीज के रिश्तेदार मोहित ने बताया कि पहले 12 हजार रुपये और बाद में 28 हजार रुपये लिए गए। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि प्राइवेट अस्पताल जैसी सुविधाएं और बेहतर इलाज मिलेगा, लेकिन इसके बावजूद मरीज की हालत और बिगड़ती चली गई। इतना ही नहीं, दवाइयां भी बाहर से लिखी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही सीएमएस को मौके पर भेजा गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

केशव गुप्ता

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