काफिले को छोड़ स्कूटी पर निकले केंद्रीय राज्यमंत्री, ‘तेल बचेगा तो देश बचेगा’ का दिया मंत्र।
उझानी की गलियों में बीएल वर्मा ने खुद चलाई स्कूटी, सब्जी-मीठा खरीदा, बिना सुरक्षा तामझाम जनता का जाना हाल।
उझानी बदांयू 25 मई ।
सायरन बजाते काफिले और बड़ी गाड़ियों के दौर में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने आज उझानी में नई लकीर खींच दी। मंत्री ने खुद स्कूटी की हैंडल थामी और ‘ईंधन बचाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान को सड़क पर उतार दिया।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ नारा नहीं, आज की सबसे बड़ी जरूरत है। “ईंधन संकट दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। हर बूंद तेल कीमती है। छोटी दूरी के लिए कार निकालना अब शान नहीं, नुकसान है”, उन्होंने दो टूक कहा।
उन्होंने जनता से सीधी अपील की जरूरत पर ही वाहन निकालें, अकारण इंजन स्टार्ट करना बंद करें।
छोटे काम के लिए छोटा वाहन गली-मोहल्ले के लिए स्कूटी-साइकिल अपनाएं।
बचत को बनाएं संस्कार ईंधन की एक-एक बूंद बचाना देशसेवा है
“कम वाहन चलेंगे तो तेल भी बचेगा और जहरीले धुएं से हमारे बच्चों के फेफड़े भी”, मंत्री ने पर्यावरण का हवाला देते हुए कहा।
स्कूटी से उतरकर मंत्री सीधे सब्जी मंडी पहुंचे। एक साधारण ग्राहक की तरह भाव-तोल करके घर के लिए ताजी सब्जियां खरीदीं।इसके बाद वे स्टेशन रोड पर मिठाई की दुकान पर भी रुके और परिवार के लिए मीठा लिया।
खास बात ये रही कि मंत्री सुरक्षा के ताम-झाम के बिना ही बाजार में घूमे। उन्होंने दुकानदारों और शहरवासियों से सीधे संवाद किया, उनके सुख-दुख की जानकारी हासिल की और समस्याएं सुनीं। मंत्री को अपने बीच यूं सहज देखकर बाजार में मौजूद लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा।


स्थानीय लोगों ने कहा, “नेता जब खुद जमीन पर उतरता है, तब बात सीधे दिल में उतरती है। ये सिर्फ भाषण नहीं, आचरण है।” पूरे उझानी में दिनभर मंत्री के इस अंदाज की चर्चा रही।
यह घटना सिर्फ फोटो-ऑप नहीं थी। बढ़ती महंगाई और ग्लोबल ईंधन संकट के बीच यह ‘लीड बाय एग्जांपल’ की राजनीति है। जब केंद्रीय मंत्री खुद स्कूटी चलाकर सब्जी-मीठा खरीदेंगे और बिना लाव-लश्कर जनता का हाल जानेंगे, तो अफसर और जनता दोनों के लिए संदेश साफ है: अब दिखावे का नहीं, बचत और जुड़ाव का वक्त है।
— राजेश वार्ष्णेय एमके।


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