बदायूं
भीषण गर्मी में आंगनबाड़ी केंद्र खोलने पर फूटा गुस्सा, बदायूं में कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन; ग्रीष्मकालीन अवकाश की उठी जोरदार मांग
बदायूं। उत्तर प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच बदायूं में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा की मासिक बैठक में कार्यकत्रियों ने 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान के बीच आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जाने को बच्चों और कर्मचारियों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बताया।
मालवीय आवास गृह, बदायूं में आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकत्रियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्राथमिक विद्यालयों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में भी तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जाए। बैठक के दौरान कई कार्यकत्रियों ने कहा कि भीषण गर्मी में छोटे बच्चों के केंद्रों तक आने से लू, डिहाइड्रेशन और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
मंडल अध्यक्ष मोर श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में इस समय तापमान लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है, जिसके कारण आम जनजीवन प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जब स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अवकाश घोषित किया जा सकता है, तो आंगनबाड़ी केंद्रों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है।
जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सक्सेना ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के कई जिलों—लखनऊ, ललितपुर, मैनपुरी और सीतापुर—में पहले ही ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जा चुका है, लेकिन बदायूं में अब तक कोई निर्णय न लिया जाना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिले में भी लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं और ऐसे हालात में छोटे बच्चों को केंद्रों पर बुलाना जोखिम भरा कदम साबित हो सकता है।
बैठक के दौरान म्याऊं परियोजना की सहायिका पुष्पा देवी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सहसवान और आसफपुर परियोजना की कार्यकत्रियों ने प्रोत्साहन राशि से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। बैठक के बाद एडीएम प्रशासन अरुण कुमार के नाम एक ज्ञापन भेजा गया, जिसमें जिले में तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश लागू करने तथा जिला स्तर पर डीपीओ और सभी सीडीपीओ के साथ बैठक बुलाने की मांग की गई।
बैठक में कुमकुम जौहरी, उर्मिला कश्यप, निशा सक्सेना, विमला कश्यप, नीलम कुमारी चौहान, श्यामा देवी, उषा, सरला देवी, पूजा पुंडीर, प्रवेश कुमारी चौहान, खजाना देवी, सिकंदरी बेगम, रानू सिंह, शीला देवी, चांदवी, माया देवी, रामदेवी, सुमन लता, पूनम शर्मा, रेखा देवी, आशावती, ममता और मुन्नी देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकत्रियों ने अपने विचार रखे।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रवेश कुमारी चौहान को जिला कोषाध्यक्ष घोषित किया गया। साथ ही संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से जून माह में प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर बैठक आयोजित करने की अपील भी की गई।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि यदि जल्द ही ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
केशव गुप्ता
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