किसकी लगी है नजर बदायूं की रखवाली में ?
बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
बदायूं की कानून व्यवस्था की बात करें तो ऐसा लगता है कि जिले में सैंजनी वाली घटना के बाद तमाम कार्रवाई, प्रयास एवं बदलाव के बावजूद हालात संवरने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक के बाद एक किसी सीरियल की तरह होने वाली घटनाओं के चलते आम आदमी वर्दी वाले महकमें की तरफ देखने को मजबूर सा हो गया है। कभी कभी तो आम आदमी को ऐसा लगने लगता है कि जिले की रखवाली को किसी की नजर लग गई है। कभी लगता है कि बदलाव एवं सार्थक प्रयास को कोई चुनौती सी दे रहा है। ऐसा नहीं कि वर्दी वाला महकमा चादर ओढ कर सो रहा हो क्योंकि तमाम वारदातों को अंजाम देने वाले आज वर्दी के प्रयास से जेल की सलाखों के पीछे हैं। यह बात तो सही है कि पुलिस वारदात को होने के बाद ही तो अपना काम करेगी और वर्दी वाला महकमा उसकी पूरी निष्ठा से अंजाम दे रहा है लेकिन जिस तरह अपराधी जिले में एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे हैं उस हौसले को तोडने के लिए वर्दी वाले महकमें के साथ जनपद में शांति की चाहत और वर्दी का बुलंद इकबाल की आशा रखने वालों को एक होकर सामना करना होगा ऐसा आम आदमी को लगता है।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com