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हरिजन एक्ट के दुरुपयोग पर भड़का भाकियू टिकैत, SSP दफ्तर घेराव का अल्टीमेटम — 15 मई को होगा मौन प्रदर्शन

बदायूं

हरिजन एक्ट के दुरुपयोग पर भड़का भाकियू टिकैत, SSP दफ्तर घेराव का अल्टीमेटम — 15 मई को होगा मौन प्रदर्शन

बदायूं, 13 मई।
जनपद बदायूं में कथित झूठे हरिजन एक्ट मुकदमे को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाकियू टिकैत ने साफ चेतावनी दी है कि यदि थाना बिनावर के ग्राम ओझा में दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो 15 मई को किसानों के मसीहा स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि के बाद दोपहर 2 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का मौन घेराव किया जाएगा।
भाकियू नेताओं का आरोप है कि 17 अप्रैल को थाना बिनावर क्षेत्र के ग्राम ओझा में तहसील सदर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैसर अली समेत आठ लोगों के खिलाफ झूठा हरिजन एक्ट लगाकर फंसाने की साजिश की गई है। संगठन का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही और सीओ सिटी स्तर पर की जा रही जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। किसान नेताओं ने मांग की कि जांच गांव में खुली पंचायत के बीच कराई जाए, क्योंकि “दफ्तरों में होने वाली जांच से जनता का विश्वास उठ चुका है।”
मालवीय आवास गृह पर पिछले पांच दिनों से जारी धरने को संबोधित करते हुए बरेली मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “पांच दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। न कोई अधिकारी गांव पहुंचा और न ही पीड़ित पक्ष की बात सुनी गई। इससे साफ प्रतीत होता है कि निर्दोष लोगों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसी भी कीमत पर हरिजन एक्ट का दुरुपयोग नहीं होने देगी और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वहीं मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा कि जिले में लगातार झूठे मुकदमे लिखे जा रहे हैं, जिससे निर्दोष लोग जेल पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि “हम लोग लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी हमारी बात सुनने तक नहीं आया। यह लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
धरने के दौरान तेज आंधी और तूफान के बावजूद किसान और ग्रामीण डटे रहे। प्रदर्शन में पप्पू सागर, छोटे अली, सुरेश दीवान ठाकुर, नेत्रपाल सिंह, नदीम, छोटेलाल, ओंकार सिंह, अरविंद, मोहम्मद हसन, बृजपाल प्रजापति, पप्पू सैफी, अनारकली, मुन्नी देवी, शकुंतला देवी, नथो देवी समेत भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

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