तीसरे दिन भी नहीं थमी ‘तहरीर मंडी’, उझानी CHC गेट पर वही लूट जारी।
बदायूं 9 मई।
खबर प्रसारित होने के 72 घंटे बाद भी उझानी CHC गेट पर हालात जस के तस हैं। “तहरीर-वीर” बाबुओं की कुर्सियां वैसे ही सजी हैं और 1 रुपये के कागज पर 100-200 की चपत बदस्तूर जारी है।
ग्राउंड जीरो से हाल-
आज सुबह 10 बजे टीम दोबारा CHC गेट पहुंची। गेट के बाहर वही 2-3 “मुंशी टाइप” बाबू कुर्सी-मेज डाले बैठे मिले। थाने से लौट रहे रामकिशन ने बताया, “कल खबर पढ़कर लगा था आज राहत मिलेगी। अंदर मुंशी जी ने फिर वही कहा – बाहर से लिखवाकर लाओ। 150 रुपये देने पड़े।”
दिनभर में करीब 10 फरियादियों से बात हुई। सबका एक ही दर्द: “कल चैनलपर खबर प्रसारित हुई, पर कोतवाली में कोई फर्क नहीं।”
पुलिस का रुख-
कोतवाली प्रभारी से पक्ष जानने की कोशिश की गई। CUG नंबर पर कॉल रिसीव नहीं हुई। थाने पहुंचने पर ड्यूटी मुंशी ने कहा, “साहब मीटिंग में हैं। जो लिखित में दोगे वही लेंगे।”
बदांयू SSP कार्यालय में भी इस खबर पर कोई हलचल नहीं दिखी। नाम न छापने की शर्त पर एक सिपाही ने दबी जुबान कहा, “ऊपर से आदेश आएगा तभी कुछ होगा। वरना रोज का यही सिस्टम है।”
सवाल अब भी बरकरार कि बीएनएस की धारा 173 साफ कहती है कि पुलिस खुद बयान दर्ज करेगी। फिर फरियादी को बाहर क्यों भेजा जा रहा? 72 घंटे में संज्ञान क्यों नहीं? क्या “शह” वाली बात सही है?
गरीब की FIR के लिए 200 रुपये देना पड़ रहा है, इसकी जिम्मेदारी किसकी?
फिलहाल उझानी CHC गेट पर “तहरीर मंडी” बिना रोक-टोक चल रही है। हर्र-फिटकरी कुछ नहीं लग रहा, पर रंग चोखा आ रहा है।
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