सत्संग में जीवन के सही मार्ग पर चलने का दिया संदेश
वैदिक मूल्यों को अपनाने पर दिया जोर
बिल्सी। रविवार को तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा, भक्ति और वैदिक वातावरण के बीच धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं आर्य संस्कारशाला के बच्चों ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया। सत्संग की शुरुआत वैदिक रीति से यज्ञ के साथ हुई, जिसे अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने संपन्न कराया। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान हो उठा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आहुति देकर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इसके उपरांत आचार्य ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में कहा कि यदि मनुष्य को जीवन जीने का सही मार्ग मिल जाए तो यह उसके लिए हीरे, मोती और सोना प्राप्त करने के समान है। उन्होंने कहा कि आज का मानव भौतिक सुख-सुविधाओं और धन-दौलत को ही अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य मान बैठा है और उसी की प्राप्ति में अपना अमूल्य समय और ऊर्जा नष्ट कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो धन मनुष्य इस संसार में जोड़ता है, वह यहीं रह जाता है और उसके साथ नहीं जाता, जबकि विद्या, तप, दान, यज्ञ, सेवा, स्वाध्याय और परोपकार जैसे गुण ही वास्तविक धन हैं, जो मनुष्य के साथ इस लोक और परलोक दोनों में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इन सद्गुणों को अपने जीवन में अपनाकर नित्य इनका संचय करता है, वही ईश्वर का प्रिय बनता है और समाज में भी उसे सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत ने भी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उर्वशी आर्य और तान्या आर्य ने सुंदर भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। वहीं पूजा आर्य ने वेद मंजरी का पाठ कर उपस्थित जनसमूह को वैदिक ज्ञान से अवगत कराया। इस मौके पर कमलेश रानी, सूरजवती देवी, सरोज देवी, गुड्डू देवी, राकेश आर्य सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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